गया\नई दिल्ली: उरी हमले
में शहीद गया के रहने वाले सुनील कुमार विद्यार्थी की तीन बेटियों के
हौंसले के बारे में जानेंगे तो सलाम करेंगे. पिता के शहीद होने की खबर
सुनने के बाद भी उनकी तीनों बेटियों ने कल स्कूल में जाकर परीक्षा दी. शहीद
सुनील को तीन बेटियां और एक सबसे छोटा दो साल का बेटा है.
पिता की खबर सुनने के बाद भी परीक्षा में शामिल
गया के डीएवी स्कूल में शहीद सुनील कुमार
विद्यार्थी की बड़ी बेटी आरती आठवीं क्लास में, दूसरी बेटी अंशु छठी में और
तीसरी बेटी अंशिका दूसरी क्लास में पढ़ रही हैं. घर में मां, दादा, दादा,
चाचा-चाची सब सदमे में हैं. घर में किसी के आंसू थम नहीं रहे. लेकिन शहीद
की तीनों बेटियां अपने पापा के सपने को पूरा करने के लिए परीक्षा देने
स्कूल पहुंच गई.
पापा के सपने को पूरा करना है’
बेटियां कह रही हैं कि पापा के सपने को पूरा करना है. पापा से जब आखिरी बार बात हुई थी तो परीक्षा को लेकर ही उन्होंने पूछा था और अच्छे से पढ़ने को कहा था. दूसरी क्लास की परीक्षा दे रही अंशिका उन शहीद सुनील कुमार की सबसे छोटी बेटी हैं जो उरी हमले में शहीद हुए हैं. अंशिका को तो याद भी नहीं है कि आखिरी बार पापा से उसने क्या बात की थी.
बेटियां कह रही हैं कि पापा के सपने को पूरा करना है. पापा से जब आखिरी बार बात हुई थी तो परीक्षा को लेकर ही उन्होंने पूछा था और अच्छे से पढ़ने को कहा था. दूसरी क्लास की परीक्षा दे रही अंशिका उन शहीद सुनील कुमार की सबसे छोटी बेटी हैं जो उरी हमले में शहीद हुए हैं. अंशिका को तो याद भी नहीं है कि आखिरी बार पापा से उसने क्या बात की थी.
गया के रहने वाले थे शहीद सुनील
अपने पापा के सपने को पूरा करने के लिए ही
गम के माहौल में भी तीनों बेटियां लक्ष्य से नहीं भटकी और परीक्षा देने
पहुंच गई. तीन बेटियों के अलावा 40 साल के शहीद सुनील को एक बेटा भी है जो
सबसे छोटा है.18 साल पहले 1998 में एसके विद्यार्थी देश की सेवा के लिए
सेना में भर्ती हुए थे और परसों देश पर कुर्बान हो गये.


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