Wednesday, 28 September 2016

पाक ने किया सीजफायर का उल्लंघन, भारतीय जवानों ने दिया जवाब, दो पाकिस्तानी जवान ढेर

 जम्मू : उरी आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तान ने फिर से सीजफायर तोड़ा है. लाइन ऑफ कंट्रोल के पास मेंढर इलाके में गुरुवार सुबह पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई है जिसका भारतीय सेना की ओर से मुंहतोड़ जवाब दिया गया.

इससे पहले बुधवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर भारतीय ठिकानों को निशाना बनाकर गोलीबारी की. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सैनिकों ने बुधवार शाम पुंछ जिले के साब्जियान इलाके में छोटे हथियारों से गोलीबारी की.'

आपको बता दें कि उरी आतंकी हमले के दो दिन बाद 20 सितम्बर को पाकिस्तानी सैनिकों ने कश्मीर के इसी सेक्टर में सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. बीते छह सितम्बर को पाकिस्तानी सेना ने पुंछ में भारतीय ठिकानों पर 120 एमएम मोर्टार से गोलाबारी की थी.

इस गांव में लड़कियां करती हैं लड़कियों से ही शादी, पुरुषों को रखती हैं खुद से दूर


जयपुर।शहर में एक ऐसी लेस्बियन की स्टोरी सामने आई है जिसने अपनी पार्टनर से शादी रचाने तक का दावा किया है। उसका कहना है कि वे दोनों पिछले 3 सालों से एक दूसरे के साथ रिलेशन में थीं। ऐसे में krlsnews.blogspot.com आपको तंजानिया के एक ऐसे गांव से रूबरू करा रहा है जहां लड़कियां लड़कों के साथ शादी नहीं करती हैं। क्या है इसके पीछे वजह…

- आपको ऐसा लगता होगा कि ये महिलाएं होमो सेक्सुअल हैं पर ऐसा नहीं है।
- इसके पीछे एक पुरानी परंपरा है जो पुरुषों को समाज में दोयम दर्जे में रखती है।
- ये तंजानिया का एक गांव है जहां की जनजाति को पुरुष प्रधान मानसिकता से चिढ़ है।
- इस गांव में महिलाओं की तूती बोलती है। यहां महिलाओं के मामले में पुरुष का हस्तक्षेप न हो।
- इसलिए लड़कियों की शादी लड़कियों के साथ ही की जाति है।
- इससे प्रॉपर्टी से लेकर और किसी भी मामले में मर्द अपना हक नहीं जमा सकें।
- यहां मई किसी महिला ओ बिना उसकी मर्जी के छू भी नहीं सकते हैं।
- महिलाएं ही तय करती हैं कि समाज कैसे चलेगा और घर की मुखिया महिला ही होती हैं।
- शादी के पीछे लेस्बियन होना वजह नहीं है। केवल पुरुषों को खुद के इशारे पर नचाने के लिए महिलाएं ऐसा करती हैं।
- पुरुषों को न तो प्रॉपर्टी में हक मिलता है और न ही वो किसी निर्णय में।
- यहां कोई मर्द जबरदस्ती करता है तो उसे बाकायदा सजा दी जाती है।
- महिला (पति) बाकायदा घर से बाहर जाकर काम करती है बल्कि महिला (पत्नी) घर के काम संभालती है।
- यदि महिला (पत्नी) को बच्चे पैदा करने की जरूरत हो तो वो खुद से किसी व्यक्ति का चुनाव कर सकती है या उसकी महिला (पति) किसी पुरुष का चुनाव करती है।
- इसके बाद होने वाले बच्चे को पिता का नाम महिला (पति) ही देती है।

बच्चों ने दिखायी सूर्य की किरणों से बिजली पैदा करने की तकनीक


 
हजारीबाग : जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन बुधवार को सिंदूर स्थित संत राबर्ट स्कूल परिसर में किया गया. प्रदर्शनी में हजारीबाग व कोडरमा के दो स्कूलों के 324 प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत किये. इससे पहले अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की.
 
स्वागत भाषण जिला शिक्षा पदाधिकारी सरिता दादेल ने दिया, जबकि स्वागत गीत इंदिरागांधी स्कूल की बच्चियों ने गाये. अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया. प्रतियोगिता में कक्षा छह से दसवीं वर्ग के बच्चे शामिल हुए. 
 
 मौके पर डीडीसी राजेश कुमार पाठक ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विज्ञान के प्रतिभागी जिला एवं राज्य का नाम रौशन करेंगे. आरडीडीइ रतन कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी से बच्चों में ऊर्जा का संचार बढ़ता है. बच्चों में शोध के प्रति रूचि जगती है. यही बच्चे आगे चलकर वैज्ञानिक बनेंगे और देश का नाम रौशन करेंगे. कार्यक्रम दो सत्र का हुआ. पहले सत्र में विज्ञान प्रदर्शनी लगायी गयी. दूसरे सत्र में दस सदस्सीय निर्णायक मंडली ने  24 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए किया. 
 
कार्यक्रम में डीएसइ इंद्रभूषण सिंह, डीप्टी डीएसइ संध्या  रानी मिंज स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं समेत बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हुए. कार्यक्रम को सफल बनाने में आएमएसए व शिक्षा विभाग के  कर्मियों ने सहयोग किया.
 
विज्ञान को समझाने का प्रयास: बच्चों ने सूर्य की किरण से बिजली पैदा करने के तरीकों को मॉडल के रूप में समझाने की कोशिश की. वहीं  बिना बिजली के फ्रीज, पवन ऊर्जा से चापानल का उपयोग, पवन चक्की से बिजली पैदा करने, वाहन के परिचालन में प्रदूषण से बचाव के उपाय, वर्षा के पानी को संग्रह करने, सोलर से चलनेवाली कार, मिट्टी संरक्षण एवं पानी से बिजली पैदा करने सहित तरह-तरह के मॉडल प्रस्तुत किये गये.
इन बच्चों का किया गया चयन
 
राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए 24 बच्चों का चयन किया गया है. इनमें अमर कुमार विश्वकर्मा-अन्नदा हाई स्कूल, दिनेश कुमार- मवि बडकागांव, शाहिल कुमार शर्मा-अपग्रेड मवि डुमर, विंकेस कुमार-गर्ल्स मिडिल स्कूल बडकागांव, सूर्यवंशम कुमार वर्मा-एसएस हाई स्कूल बड़कागांव, प्रिया कुमारी- उत्क्रमित मवि खरांटी, प्रिया कुमारी-उत्क्रमित हाई स्कूल गोसाई बलिया, काजल कुमारी-केजीबीवी केरेडारी, संदीप कुमार-हाई स्कूल विष्णुगढ़, सुमन कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल विष्णुगढ़, सुमन कुमार वर्णवाल- मिडिल स्कूल जमसोती, मनीषा कुमारी-केजीबीवी विष्णुगढ़, सुधांशु कुमार-मसीह मार्शल हाई स्कूल, ममता कुमारी-उत्क्रमित हाई स्कूल आंगो, आरती कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल चरही, प्रियंका कुमारी-किसान मजदूर हाई स्कूल बलसगरा, निकेश कुमार-महेशरा हाई स्कूल, आरमिन निशा-हाई स्कूल सिझुआ, निकासी कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल इचाक, राहुल कुमार केएन हाई स्कूल इचाक, जासमीन परवीन-उत्क्रमित मवि घुघलिया, राजा कुमार-उत्क्रमित मवि छड़वा, सुरेंद्र कुमार-उत्क्रमित हाई स्कूल झरपो, करन कुमार मेहता- उत्क्रमित हाई स्कूल सुलमी शामिल हैं.

Monday, 26 September 2016

नई नवेली पत्नी का था किसी और से अफेयर, पति ने सुसाइड नोट में लिखी स्टोरी

 
पटना  (बिहार).बिहार के पटना में नई नवेली पत्नी के अफेयर से दुखी एक स्टूडेंट ने पंखे से लटककर सुसाइड कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी असफल लव स्टोरी का जिक्र किया है। बताया जा रहा है कि स्टूडेंट ने घरवालों को बिना बताए शादी कर ली थी। लेकिन बाद में लड़की का किसी और से अफेयर हो गया। जानिए क्या लिखा सुसाइड नोट में...
- रोहतास के बारुण का रहने वाला कुलदीप रंजीत प्रसाद जगत नारायण रोड स्थित गंगा भवन में किराए पर रहता था।
- सोमवार को उसने पंखे से लटककर सुसाइड कर ली। घटनास्थल से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।
- ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले छात्रों ने मकान मालिक को दिन के ग्यारह बजे सूचना दी कि कुलदीप का कमरा सुबह से नहीं खुला है।
- इसके बाद मकान मालिक और अन्य छात्रों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। वेंटिलेशन से देखने पर घटना की जानकारी मिली।
- तत्काल इसकी सूचना कदमकुआं थाने को दी गई। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्र ने अपने असफल प्रेम की कहानी लिखी है।
- कुलदीप के बड़े भाई जयंत कुमार रौशन के लिखित बयान पर कदमकुआं थाने में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने माना है कि उनके बेटे ने सुसाइड किया है।

भाई ने फोन नहीं उठाया तो किया मैसेज
- कुलदीप के पिता लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उसने देर रात भाई को फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी थी।
- इसके बाद उसने भाई के मोबाइल पर मैसेज किया कि वह सुसाइड करने जा रहा है।
- पिता ने कहा कि हमलोगों ने सुबह मैसेज देखा और कुलदीप के मोबाइल पर रिंग किया।
- जब उसने नहीं उठाया तो हमलोग पटना के लिए रवाना हो गए।
सुसाइड नोट में लिखी अपनी असफल लव स्टोरी
- मौके से बरामद सुसाइड नोट में कुलदीप ने अपनी असफल प्रेम कहानी का जिक्र किया है।
- वह पटना के ही एक लड़की से प्यार करता था। उससे शादी भी कर चुका था। हालांकि शादी की सूचना परिजनों को नहीं थी।
- सुसाइड नोट में लिखा गया है कि वह मेरे प्यार को समझ नहीं सकी और दूसरे लड़के से उसका अफेयर हो गया।
- इसमें मेरे दोस्तों और मेरे परिजनों का कोई दोष नहीं है। कुलदीप चार भाइयों में सबसे छोटा था। बाकी के तीन भाई रोहतास में ही रहते हैं।
- मृतक रोहतास के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। सब इंस्पेक्टर एनके झा ने कहा कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। फिर कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपर्ट का मानना-मामला संदिग्ध

- परिस्थितिजन्य साक्ष्य घटना को संदिग्ध बता रहे हैं। कुलदीप ने गमछे से फंदा लगाया था।
- वहीं एक गमछे से उसका हाथ बंधा हुआ था। बेड के ऊपर कुर्सी और कुर्सी के उपर तीन चार कंबल रखे थे।
- फांसी लगने के बाद कुर्सी गिरी नहीं। फॉरेंसिक सूत्रों के अनुसार एक्सपर्ट का मानना है कि पहले लड़के की हत्या की गई, फिर शव को लटकाया।

मालेगांव विस्फोट मामला : आरोपी कर्नल पुरोहित को बेल देने से कोर्ट का इंकार

मुंबई. विशेष अदालत ने मालेगांव बम धमाके के आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। जज ने कहा कि प्रथम दृष्टया पुरोहित के खिलाफ मामला नजर आता है। लिहाजा उनकी अर्जी खारिज की जाती है। अर्जी में पुरोेहित का कहना था कि उनके खिलाफ जांच एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं है।
- मालेगांव ब्लास्ट(2008) के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की जमानत याचिका को एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया।
- पुरोहित की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में सबसे सख्त कानून मकोका हटा लिया है। अब उनको जमानत मिलनी चाहिए।
- एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पुरोहित के खिलाफ प्रथम दृष्टया जो सबूत है वह पर्याप्त है।
- 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में बम धमाका हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 घायल हो गए थे।
- इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित सहित 12 लोग गिरफ्तार किए गए थे। पुरोहित समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में भी मुख्य आरोपी है।
- उन्होंने जो कुछ किया उसके बारे में वरिष्ठ लोगों को जानकारी थी।

Ex-MLA के बेटे ने 50 से अधिक बार किया था रेप, एक माफी में हो गया समझौता!

 
अहमदाबाद। शादी का लालच देकर Ex-MLA के बेटे विजय राठौड़ ने ऊना की युवती को अपने प्रेम जाल में फांसकर उससे 50 से अधिक बार फिजिकल रिलेशन बनाए। इसमें से 14 बार तो उसने रेप किया। कई बार युवती को शराब पिलाकर भी सेक्स किया। लेकिन, जब विजय शादी के लिए राजी नहीं हुआ तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद कल नाटकीय रूप विजय महिला क्राइम ब्रांच पहुंचा, जहां उसने युवती से माफी मांगी। Ex-MLAऔर बेटे दोनों ने मांगी माफी…
शुक्रवार की रात 9 बजे Ex-MLA और उसका बेटा महिला क्राइम ब्रांच पहुंचे। यहां पर युवती अपने परिवार वालों के साथ उपस्थित थी। महिला क्राइम ब्रांच की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समाधान हुआ। शर्त यही थी कि बाप-बेटे युवती से माफी मांगें। दोनों ने युवती के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद पूरा मामला शांत हो गया।
रेप जैसे गंभीर आरोप का समाधान माफी मांगकर युवती ने जिस आक्रामकता के साथ Ex-MLA के बेटे पर रेप का आरोप लगाया था, उसका समाधान केवल माफी मांगकर हो गया, इसकी चर्चा है। लोग क्राइम ब्रांच पर भी ऊंगली उठा रहे हैं कि उसने ऐसा क्या किया, जिससे युवती केवल माफी पर ही राजी हो गई।
युवती का आरोप था
ऊना के वाडज में रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने ऊना के पूर्व विधायक के.सी.राठौर के विवाहित बेटे विजय राठौर पर उसके साथ 50 बार शारीरिक संबंध कायम करने का आरोप लगाया है। युवती के अनुसार इसमें से 14 बार ता उसने जबर्दस्ती दुष्कर्म किया है। विरोध किए जाने पर उसने यह धमकी भी दी कि तू मेरी नहीं हो सकती, तो किसी की भी नहीं हो सकती। अगर तू नहीं मानी, तो मैं पूरी दुनिया को आग लगा दूंगा। रेप की शिकायत करने युवती जब ऊना के पुलिस स्टेशन गई, तो वहां उसकी रिपोर्ट लिखने से इंकार कर दिया गया। इससे युवती ने अहमदाबाद पहुंच महिला थाने में रेप की रिपोर्ट लिखवाई।
बर्थ डे पर बनाया था वीडियो
पीड़ित युवती ने बताया कि विजय ने अपने बर्थ डे पर मुझे बुलाते हुए कहा था कि उस दिन मेरे सभी दोस्त आएंगे। मैं जब वहां पहुंची, तो उसके अलावा कोई नहीं था। उसने मेरे साथ फिर जबर्दस्ती की। इस दौरान उसने वीडियो भी बना लिया। इसके बाद बार-बार वीडियो दिखाकर मुझे ब्लेकमेल करता। वह यही कहता कि यह वीडियो मेरे पिता को दिखा देगा, या फिर यू ट्यूब पर डाल देगा।
किस तरह विजय की नजर युवती पर पड़ी
विजय से किस तरह सम्पर्क हुआ, इस पर युवती ने बताया कि मैं ऊना की हूं। मेरे पापा की ऊना में अच्छी पहचान है। उनके साथ मैं कई समारोहों में जाती रहती थी। एक-दो बार विजय ने मुझे नोटिस किया। इसके बाद फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी। उससे मेरी कामन चेट होती। इसके बाद उसने कहीं से मेरा नम्बर प्राप्त कर लिया, बस फिर क्या था। उसने वाट्सएप पर मेरे साथ चेटिंग शुरू कर दी। इसके बाद तो वह मेरे पीछे ही पड़ गया। मैं जब अपने चाचा की स्कूल जाती, तो वह भी आ जाता। वहां अलग रूम में ले जाकर मेरे साथ सेक्स करता। इसकी जानकारी मैंने किसी को नहीं दी। इसके बाद मैंने उससे फेसबुक और वाट्सएप पर उसके मेसेज का जवाब देना बंद कर दिया। फिर तो उसने मेरे घर के सामने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। वह अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर आकर धमाल मचाता। इसके बाद न चाहते हुए भी मुझे उससे बात करनी पड़ती।

मुहर्रम को लेकर बैठक

 
हजारीबाग : उलेमा अहले सुन्नत व अंजुमन इसलामिया कमेटी की बैठक सोमवार को जामा मसजिद रोड में हुई. अध्यक्षता अंजुमन के सचिव शकील बिहारी ने की. इसमें मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं श्रद्धाभाव से मनाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक की शुरुआत कश्मीर के उड़ी स्थित सेना कैंप पर हुए आतंकी हमले की निंदा की गयी एवं शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी. 
 
वक्ताओं ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की निंदा की गयी. जामा मसजिद सचिव गुलाम मोइनुद्दीन ने कहा कि मुहल्ले और गांव के पैकवाहा अपने अपने गांव मुहल्ले के इमामबाड़ों तक सीमित रहेंगे. किसी तरह भी डीजे साउंड नहीं बजायें. धार्मिक एवं राजनीतिक भड़काऊ कैसेट बजानेवालों पर सख्ती करने की बात कही. ये भी कहा कि किसी भी तरह के मुहर्रम जुलूस की जानकारी संबंधित थाना को जरूरत दें. बैठक में  हाफिज युनूस फैजी, गुलाम वारिस, मौलाना अब्दुल  हकीम, हाजी जहूर, नौशाद खान,रफत इमाम, इमरान अहमद काजू, इकराम कुरैशी, टिंकू खान, शमशाद, साबीर, इजहार, एजाज असगर, खलील, हाजी याकूब समेत कई लोग मौजूद थे.
 
रात्रि चौपाल 29 को
 
कटकमसांडी. प्रखंड के ढोठवा पंचायत में 29 सितंबर  को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया है. उक्त आशय की जानकारी बीडीओ धीरेंद्र कुमार ने दी. रात्रि चौपाल के लिए बीडीओ ने संबंधित पंचायतों के मुखिया, पंसस, वार्ड सदस्यों, पंचायत सेवकों व रोजगार सेवकों को तैयार रहने का निर्देश भी दिया है.

पाकिस्तानी बच्ची ने चलाई AK 47, मोदी को भी ललकारा, VIDEO वायरल


 
श्रीनगर. उड़ी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया पर भी इंडिया और पाकिस्तान के यूजर्स एक दूसरे पर तंज कसने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा है, जिसमें एक बच्ची से एक व्यक्ति AK 47 चलवा रहा है। जानिए क्या दे रहा है धमकी...
- वीडियो में बच्ची के साथ एक व्यक्ति बैठा हुआ नज़र आ रहा है जिसके हाथ में AK 47 राइफल है।
- व्यक्ति बच्ची को पहले भारत और पीएम मोदी को ललकारने कहता है।
- इसके बाद मासूम बच्ची से ही AK 47 लोड करवाकर फायर करने कहता है।
- इस वीडियो को अब तक 65 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

ये है विश्व की सबसे बड़ी तोप, एक बार चली तो गोले से बन गया तालाब

 
जयपुर. जयपुर में जयगढ़ किले पर रखी यह तोप विश्व में सबसे बड़ी तोप मानी जाती है। इसके साइज और ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि इसके एक गोले से शहर से 35 किलोमीटर दूर एक गांव में तालाब बन गया था। आज भी यह तालाब मौजूद है और गांव के लोगों की प्यास बुझा रहा है। अरावली की पहाडिय़ों पर बना जयगढ़ दुर्ग का निर्माण 1726 में हुआ था। 31 फीट लंबी है तोप की नली, 50 टन का है वजन...
- विश्व की सबसे बड़ी यह तोप जयगढ़ किले के डूंगर दरवाजे पर रखी है। तोप की नली से लेकर अंतिम छोर की लंबाई 31 फीट 3 इंच है।
- जब जयबाण तोप को पहली बार टेस्ट-फायरिंग के लिए चलाया गया था तो जयपुर से करीब 35 किमी दूर स्थित चाकसू नामक कस्बे में गोला गिरने से एक तालाब बन गया था।
- इस तोप का वजन 50 टन है। इस तोप में 8 मीटर लंबे बैरल रखने की सुविधा है।

100 किलो गन पाउडर से चलती थी तोप

- 35 किलोमीटर तक मार करने वाले इस तोप को एक बार फायर करने के लिए 100 किलो गन पाउडर की जरूरत होती थी।
- अधिक वजन के कारण इसे किले से बाहर नहीं ले जाया गया और न ही कभी युद्ध में इसका इस्तेमाल किया गया था।
यह है इस किले की रोचक कहानी
- किले की रक्षा में तैनात ताकतवर और भारी तोपों का तभी इस्तेमाल होता था, जब कोई दुश्मन हमला करे। दूसरे राज्य पर हमला करने के लिए इन भारी-भरकम तोपों को युद्ध भूमि तक ले जाना काफी कठिन था।
- इसी दौर में छोटे और हल्की तोपें बनाई गईं। इन तोपों को हाथी या ऊंट की पीठ पर बांधा जा सकता था। जयगढ़ के किले में रखी गई इस छोटी तोप को भी ऊंट की पीठ पर बांध कर चलाया जाता था। तोप के गोले का वजन 50 किलो तक होता था।
पहले तोप से फेंके जाते थे पत्थर

- शुरुआत में तोपों का इस्तेमाल पत्थरों को फेंकने के लिए किया जाता था। ये तोपें पहले तांबे और कांसे की बनीं फिर लोहे की बनने लगीं।
- 15वीं शताब्दी में तोपें 30 इंच परिधि की होती थीं और 1,200 से 1,500 पाउंड भार के पत्थर के गोले चलाती थीं।
- लोहे की तोपें आने के बाद लोगों ने देखा की पत्थर की जगह लोहे के गोले से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद तोपों में लोहे के गोलों का इस्तेमाल किया जाने लगा और बैरल का व्यास कम हो गया।
3 किमी. में फैली हैं इस किले की दीवारें
- इस किले के दो एंट्री गेट है जिन्हें दूंगर दरवाजा और अवानी दरवाजा कहा जाता है।
- किले का निर्माण, सेना की सेवा के उद्देश्य से किया गया था जिसकी दीवारें लगभग 3 किमी. के क्षेत्र में फैली हुई है।
- किले के सबसे ऊंचे प्वाइंट पर दीया बुर्ज है जो लगभग सात मंजिला है, यहां से पूरे शहर का मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता है।
जयपुर का सबसे ऊंचा किला

- जयगढ़ किला जयपुर का सबसे ऊंचा दुर्ग है। यह नाहरगढ़ की सबसे ऊंची पहाड़ी चील टिब्बा पर स्थित है।
-इस किले से जयपुर के चारों ओर नजर रखी जा सकती थी। यहां रखी दुनिया की सबसे विशाल तोप भी लगभग 50 किमी तक वार करने में सक्षम थी।
- यह भी कहा जाता है कि महाराजा सवाई जयसिंह जब मुगल सेना के सेनापति थे तब उन्हें लूट का बड़ा हिस्सा मिलता था।
- उस धन को वे जयगढ़़ में छुपाया करते थे। इस दुर्ग में धन गड़ा होने की संभावना के चलते कई बार इसे खोदा भी गया।
जयगढ़ और आमेर महल के बीच सुरंग

- हाल ही में आमेर महल के कुछ भागों का नवीनीकरण किया गया। इसमें सबसे खास था आमेर महल से जयगढ़ जाने वाली सुरंग का तलाश कर फिर से उपयोग करने योग्य बनाना।
- जयगढ किले तक इस सुरंग की लंबाई लगभग 600 मीटर है। इस सुरंग से आमेर महल से जयगढ़ जाना बहुत आसान हो गया है

इस्लाम धर्म : हजरत मुहम्मद साहब

'ला-इलाहा इललल्लाह, मुहम्मदुर्रसूलल्लाह'
भावार्थ : सिर्फ एक हैं, उसके सिवाय कोई माबूद नहीं। हजरत मोहम्मद सल्ल. उसके सच्चे पैगंबर हैं


अल्लाह के हुक्म से हजरत मुहम्मद सल्ल. ने ही को लोगों तक पहुँचाया है। आप हजरत सल्ल. इस्लाम के आखिरी नबी हैं, आप के बाद अब कायामत तक कोई नबी नहीं आने वाला

इस्लाम के आने से पहले अरब में कबिलाई संस्कृति का जाहिलाना दौर था। हर कबीले का अपना अलग धर्म था और उनके देवी-देवता भी अलग ही थे। कोई मूर्ति पूजक था तो कोई आग को पूजता था। यहुदियों और ईसाईयों के भी कबीले थे, लेकिन वे भी मजहब के बिगाड़ का शिकार थे। ईश्वर (अल्लाह) को छोड़कर लोग व्यक्ति और प्रकृति पूजा में लगे थे

इस सबके अलावा भी पूरे अरब में हिंसा का बोलबाला था। औरतें और बच्चे महफूज नहीं थे। लोगों की जान-माल की सुरक्षा की कोई ग्यारंटी नहीं थी। सभी ओर बदइंतजामी थी। इस अंधेरे दौर से दुनिया को बाहर निकालने के लिए अल्लाह ने इस्लाम को लोगों तक पहुँचाने के लिए हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. को पैगंबर बनाकर दुनिया में भेजा

जन्म : कुछ विद्वानों के मुताबिक इस्लाम के संस्थापक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. का जन्मदिन हिजरी रबीउल अव्वल महीने की 2 तारीख को मनाया जाता है। 571 ईसवी को शहर मक्का में पैगंबर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था। मक्का में स्थित है

आप सल्ल. के वालिद साहब (पिता) का नाम अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ल मुतलिब था और वालिदा (माता) का नाम आमना था। सल्ल. के पिता का इंतकाल उनके जन्म के दो माह बाद ही हो गया था। ऐसे में उनका लालन-पालन उनके चाचा अबू तालिब ने किया। आपके चाचा अबू तालिब ने आपका खयाल उनकी जान से भी ज्यादा रखा

इबादत और इलहाम : आप सल्ल. बचपन से ही अल्लाह की इबादत में लगे रहते थे। आपने कई दिनों तक मक्का की एक पहाड़ी 'अबुलुन नूर' पर इबादत की। चालीस वर्ष की अवस्था में आपको अल्लाह की ओर से संदेश (इलहाम) प्राप्त हुआ

अल्लाह ने फरमाया, ये सब संसार सूर्य, चाँद, सितारे मैंने पैदा किए हैं। मुझे हमेशा याद करो। मैं केवल एक हूँ। मेरा कोई मानी-सानी नहीं। लोगों को समझाओ। हजरत मोहम्मद साहब ने ऐसा करने का अल्लाह को वचन दिया, तभी से उन्हें नुबुवत प्राप्त हुई

कुरआन : हजरत मोहम्मद साहब पर जो अल्लाह की पवित्र किताब उतारी गई है, वह है- कुरआन। अल्लाह ने फरिश्तों के सरदार जिब्राइल अलै. के मार्फत पवित्र संदेश (वही) सुनाया। उस संदेश को ही कुरआन में संग्रहित किया गया हैं। कुरआन को नाजिल हुए लगभग 14 सौ साल हो गए लेकिन इस संदेश में जरा भी रद्दोबदल नहीं है

सबसे पहले ईमान : नबूवत मिलने के बाद आप सल्ल. ने लोगों को ईमान की दावत दी। मर्दों में सबसे पहले ईमान लाने वाले सहाबी हजरत अबूबक्र सिद्दीक रजि. रहे। बच्चों में हजरत अली रजि. सबसे पहले ईमान लाए और औरतों में हजरत खदीजा रजि. ईमान लाईं

वफात : 632 ईस्वीं, 28 सफर हिजरी सन 11 को 63 वर्ष की उम्र में हजरत मुहम्मद सल्ल. ने मदीना में दुनिया से पर्दा कर लिया। उनकी वफात के बाद तक लगभग पूरा अरब इस्लाम के सूत्र में बँध चुका था और आज पूरी दुनिया में उनके बताए तरीके पर जिंदगी गुजारने वाले लोग हैं।

'वो 4 साल बेहद दिलचस्प थे', धोनी ने अपने टीचर्स को सुनाए LIFE के खास किस्से

 
रांची। महेंद्र सिंह धोनी इस समय रांची में हैं। रविवार को उन्होंने खुद पर बनी फिल्म 'एमएस धोनी द-अनटोल्ड स्टोरी' का प्रमोशन किया। इस दौरान धोनी ने कहा कि यह फिल्म मेरी जिंदगी से जुड़ी कई नई बातों को आपके सामने रखेगी। उनके साथ धोनी की भूमिका निभा रहे सुशांत सिंह राजपूत भी थे।राज्य को मिली धोनी के रूप में पहचान...
- शहर होटल रेडिशन ब्लू में आयोजित कार्यक्रम में जेवीएम श्यामली के उन टीचर्स को खास तौर पर बुलाया गया था, जिन्होंने धोनी को पढ़ाया था।
- धोनी टीचर्स से गर्मजोशी से मिले। उन्हें फिल्म का ट्रेलर दिखाया।
पीटी सर ने कहा था, क्रिकेट में गेंद छोटी होती है और हाथ बड़े
धोनी ने कहा, मैं 7th तक फुटबॉल खेलता था। पीटी सर ने कहा, तुम फुटबॉल छोड़कर विकेट कीपिंग करो।
- फुटबॉल में बॉल बड़ी होती है और हाथ छोटे। जबकि क्रिकेट में गेंद छोटी और हाथ बड़े होते हैं।
- तभी से मैं स्कूल की टीम में विकेट कीपर बन गया। स्कूल की ओर से कई मैच खेले।
वो चार साल थे बेहद दिलचस्प
- प्रमोशन के दौरान धोनी ने कहा कि खड़गपुर रेलवे में काम करने के दौरान की मेरी लाइफ को इस फिल्म दिखाया गया है। ये फिल्म का सबसे खास हिस्सा है।
- उन्होंने कहा रांची के लोगों को मेरी जिदंगी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी है। लेकिन खड़गपुर में मेरा सफर कैसा रहा, यह बेहद दिलचस्प है।
- इस दौरान धोनी ने एक और किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा ''जब मैं 12th में था उस समय एक तरफ खेल दूसरी तरफ 12th का एक्जाम भी था।''
- ''पापा से मैंने जब पूछा कि क्या करें तो उन्होंने बहुत ही अच्छे से समझाया कि अगर तुम साल भर पढ़ाई में मेहनत किए होगे तो कोई परेशानी नहीं आएगी। क्योंकि तुम एक दो दिन की पढ़ाई में कुछ नहीं कर सकते।''
- ''मैंने एग्जाम भी दिया आैर अच्छे नंबर से पास किया। फिल्म में मैं जहां-जहां रांची में खेला उसे दिखाया गया है।''

Sunday, 25 September 2016

गुजरात: गाय की खाल उतारने से इनकार करने पर गर्भवती महिला की पिटाई

 अहमदाबाद/नयी दिल्ली : गुजरात के बनासकांठा जिले के करजा गांव में एक गर्भवती दलित महिला सहित उसके परिजन की पिटाई का मामला गरमाता जा रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला की पिटाई इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने मरी हुई गाय की खाल उतारने से इनकार कर दिया. पुलिस ने इस संबंध में जानकारी दी कि मामले को लेकर आईपीसी और एससी-एसटी (उत्पीड़न रोकथाम) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने गुजरात के बनासकांठा जिले में मरी हुई गाय की खाल उतारने से इनकार करने पर एक गर्भवती दलित महिला की कथित तौर पर पिटाई की घटना पर चिंता जताते हुए आज कहा कि राज्य प्रशासन दोषियों पर कडी कार्रवाई करे.

आयोग के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने एक बयान में कहा, ‘‘उना की घटना के बाद एक बार फिर ऐसी घटना हुई. मरी गाय की खाल नहीं उतारने पर गभर्वती महिला की निर्मम पिटाई बहुत शर्मनाक है. यह इस बात को दिखाता है कि राज्य प्रशासन दलितों की रक्षा करने में विफल रहा है. इस घटना के दोषियों पर प्रशासन को कडी कार्रवाई करनी चाहिए।' पूनिया ने कहा, ‘‘हम जल्द ही राज्य और जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगेंगे.' मीडिया में आई खबरों के अनुसार बनांसकांठा जिले में 25 साल की दलित महिला संगीता रणवासिया और उसके पति नीलेश रणवासिया की कुछ लोगों ने पिटाई की क्योंकि उन्होंने मरी हुई गाय की खाल उतारने से इंकार कर दिया था। संगीता पांच महीने के गर्भ से है.

हाल ही में गुजरात के उना में मरी हुई गाय की खाल उतारने को लेकर कुछ दलितों की निर्मम पिटाई के मामले पर पूरे देश में प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. इसको लेकर गुजरात के दलित समुदाय ने बडे पैमाने पर आंदोलन भी किया था. पूनिया ने कहा कि आयोग ने मध्य प्रदेश के खंडवा में एक दलित महिला की शवयात्रा रोके जाने के मामले में भी राज्य और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है.

शीर्ष नक्सली अपने बच्चे को आइआइटी में पढ़ाते हैं, गरीब के बच्चों को थमा देते हैं बंदूक




सरफराज खान चिश्ती
सिमडेगा : नक्सलियों के टॉप लीडर अपने बच्चों को आइआइटी में पढ़ाते हैं. गरीब आदिवासी के बच्चों को बंदूक थमा कर उन्हें जंगलों की खाक छानने के लिए छोड़ देते हैं. आदिवासी बहुल जिले में उग्रवाद के नाम पर नक्सली गरीबों का शोषण करते हैं. उक्त बातें सिमडेगा अस्थायी पुलिस कैंप में पुलिस द्वारा ‘उग्रवाद से क्या खोया  क्या पाया’ विषयक महापंचायत में सीआरपीएफ के आइजी संजय आनंद लाटकर ने कहीं.   
उन्होंने  लोगों से अपील की कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए व्यापक जन आंदोलन करना होगा. प्रशासन की खामियां भी दूर करनी होगी. महापंचायत में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से नक्सलवाद से प्रभावित महिलाओं को भी महापंचायत में बुलाया गया. आपबीती सुनाते हुए बोलबा की बासमती दास रो पड़ीं. उनके साथ दर्शक दीर्घा में बैठे लोग भी रो पड़े. उनके पति व ससुर को एक ही रात मौत के घाट उतार दिया गया था. बानो की बसंती देवी अपने पति की मौत से गुस्से में थीं. उन्होंने कहा कि सरकार उनके बेटे को पुलिस में नौकरी दे. वह उग्रवादियों से बदला लेगा. वह बेटे को चना बेचते नहीं देखना चाहतीं. रामू गंझू , संतोष भोक्ता, महेश सिंह जो उग्रवादी संगठनों के सबजोनल कमांडर हैं, उनके परिजनों ने अपने बेटों से अपील की कि हिंसा का रास्ता छोड़ कर वे लोग मुख्य धारा से जुड़ें. पीएलएफआइ के सबजोनल कमांडर की मां ने मंच से कहा  कि वह अपने बेटे से पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए कहेगी. 
डीसी विजय कुमार सिंह ने कहा कि विकास के लिए उग्रवाद का रास्ता छोड़ना होगा. उग्रवाद के खिलाफ बड़े उलगुलान की जरूरत है. कहा कि पूर्व में नक्सली तथा अपराधी घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को भी सहायता दी जायेगी, जिन्हें अब तक कोई सहायता नहीं मिली. 
कहा कि अब तक नक्सल हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों के 86 मामले आये हैं. 27 आश्रितों को नौकरी दी गयी. 48 की अनुशंसा जिला प्रशासन ने की है. कहा कि 1.35 करोड़ रुपये का मुआवजा सह सहयोग राशि प्रदान की गयी है़. मंच पर विधायक विमला प्रधान, पूर्व महालेखाकार बेंजामीन लकड़ा, मनोज नगेसिया, झारखंड जगुआर के आइजी  प्रशांत सिंह, डीआइजी रांची जोन  रविकांत धान, अजीत लकड़ा ने भी  अपने विचार रखे.

Saturday, 24 September 2016

शुद्ध देशी औरतों की अनकही कहानी है Parched

रेटिंगः 4 स्टार
डायरेक्टरः लीना यादव
कलाकारः राधिका आप्टे, सुरवीन चावला, तनिष्ठा चटर्जी और आदिल हुसैन

बॉलीवुड शायद एक बात भूल चुका है, गांव अभी जिंदा हैं. वहां भी लोग रहते हैं. वहां भी औरते हैं. उनकी भी जिदंगी है और आइटी रेवोल्यूशन के दौर में भी उनकी समस्याएं कुछ वैसी ही हैं जैसी कुछ दशक पहले थीं. गांव में मोबाइल आ गया है, डिश की इच्छा घर कर गई है. लेकिन औरतों के लिए कुछ नहीं बदला है. वही समाज है. वही पुरुषवादी नजरिया है. लीना यादव की 'पार्च्ड' हमें उसी दुनिया में लेकर जाती है जिसे आधुनिक सिनेमा ने दि‍खाना बंद कर दिया है. जहां औरतें अपने ढंग से प्रतिकार करती हैं, मस्ती करती हैं और उनमें अपने ढंग से जीवन जीने की हसरत कूट-कूटकर भरी हुई है.
 
ये कहानी रानी (तनिष्ठा), लज्जो (राधिका) और बिजली (सुरवीन) की है. रानी विधवा है, और उसे अपने जवाब बेटे की शादी करनी है. रानी विधवा है और उसका एक बेटा है. जिसकी शादी वह ऐसी लड़की से कर देती है जो उसकी कसौटी पर खूबसूरत नहीं है. लज्जो का पति उसे बांझ मानता है और उसे लगता है कि सिर्फ कमी औरत में ही हो सकती है. उधर, बिजली एक नाचने वाली है और जिस्मफरोशी से जीवन चलाती है. उसके नखरों और ढलती उम्र की वजह से उसका मालिक उसका रिप्लेसमेंट ले आता है. फिल्म में इन्हीं तीन औरतों की कहानी है. इसमें मोबाइल प्रेमी भी है तो औरतों के जीवन को ढर्रे पर लाने का प्रयास करता एक शख्स भी.

कहानी में हर वह पहलू है जो एक अच्छे सिनेमा में होना चाहिए. खास यह कि तीनों औरतें परिस्थितियों की शिकार हैं लेकिन जब तीनों साथ होती हैं तो वह मस्ती का कोई पल हाथ से गुजरने नहीं देतीं. यही नहीं, वह बाप-बेटे की गाली भी ईजाद कर लेती हैं. इस तरह की बातें इस फिल्म की खूबरसूरती भी है.

एक्टिंग की बात करें तो तीनों ने ही कमाल का समां बांधा है. तीनों के किरदारों की खासियत देसीपन है. खालिस देसी औरतें. लेकिन उनकी सोच आधुनिक है. सुरवीन ने जिस तरह जिंदादिल बिजली का रोल निभाया है वह लंबे समय तक याद रहने वाला है. उन्होंने दिखाया है कि अगर रोल मजबूती से लिखा जाए तो कोई कलाकार बड़ा या छोटा नहीं होता. तनिष्ठा चटर्जी को तो जैसे जानदार रोल करने की आदत ही पड़ चुकी है. राधिका आप्टे भी कमाल की हैं, और उनके देहाती डायलॉग डिलीवरी तो वाकई कमाल है. लेकिन सब पर सुरवीन भारी पड़ी हैं.

फिल्म कहीं भी लेक्चर देती नहीं लगती है और प्योर मनोरंजक फिल्म की तरह दौड़ती है. औरतों का आपस का हंसी-ठट्ठा फिल्म के कनेक्शन को और मजबूत करता है. जब हिंदी सिनेमा मजबूत कहानियों के मामले में सूखा झेल रहा है, उस दौर में पार्च्ड उम्मीद की बूंद की तरह है.

थाना प्रभारी वकार हुसैन और मुखिया पर दर्ज हो प्राथमिकी


पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा : शुरू से थाना प्रभारी ने किया पुलिस प्रशासन को गुमराह, एक गुट के पक्ष में किया काम
रिम्स की रिपोर्ट के बाद सदर अस्पताल के डाॅक्टर की भूमिका भी संदिग्ध, जांच की मांग
कोडरमा बाजार : चंदवारा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के आचार्य व आरएसएस कार्यकर्ता कवि कुमार गुप्ता उर्फ सोनू कुमार की मौत के मामले में रिम्स द्वारा आये पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जिले की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गयी है. 
बरही के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता उमाशंकर अकेला ने गुरुवार को झुमरीतिलैया स्थित शिव वाटिका में प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया. अकेला ने कहा कि शुरुआत से इस मामले को चंदवारा के थाना प्रभारी वकार हुसैन ने हल्के में लेकर उलझाने का काम किया. हत्या के मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास की साजिश थाना प्रभारी वकार हुसैन ने ही रची. उन्होंने ही पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों को गुमराह किया. ऐसे में इस मामले में अब वकार हुसैन पर भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हत्या के मामले में शुरू से ही स्थानीय मुखिया मो नसीम पर भी प्राथमिकी की मांग की जा रही है, पर पुलिस ने उसे अभियुक्त नहीं बनाया. मुखिया के खिलाफ भी प्राथमिकी होनी चाहिए.
अकेला ने कहा कि कवि की मौत के बाद पुलिस ने कई स्तर से मामले को दबाने का प्रयास किया. पहले शव को पंचनामा किया जाता है और इस रिपोर्ट के आधार पर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेजा जाता है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में बिना पंचनामा रिपोर्ट के शव का अंत्यपरीक्षण सदर अस्पताल में कराया. यहां अंत्यपरीक्षण करनेवाले डाॅक्टर ने पानी में डूबने से मौत का कारण बताया, जबकि मांग पर दोबारा जब रिम्स रांची में अंत्यपरीक्षण कराया गया, तो शव में कई जगह मरने से पहले चोट के निशान मिले. आशंका है की थाना प्रभारी की मिलीभगत व दबाव के कारण इस तरह का रिपोर्ट बनायी गयी. ऐसे में उक्त डाॅक्टर की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. अकेला ने कहा कि कवि की मौत के बाद हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी, तो पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने की जगह बचाव का प्रयास किया. ऐसे में लोग उग्र हुए और सड़क पर उतर कर आंदोलन किया. 
एक आरोपी को पकड़ कर लोगों ने थाना को सौंपा, पर थाना प्रभारी ने उसे छोड़ दिया. पुलिस ने पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया तो लोगों ने रोष जाहिर किया. बाद में थाना प्रभारी ने ही प्रदर्शन करनेवाले लोगों पर झूठा व मनगंढत मुकदमा दर्ज करवा दिया और प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अज्जू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में थाना प्रभारी वकार हुसैन के विरुद्व प्राथमिकी के साथ ही डीजीपी से बर्खास्तगी की मांग करती है. 
मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश सिंह, सांसद प्रतिनिधि रामचंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष विरेंद्र सिंह, रवि मोदी, सुरेश यादव, विजय साव, राजकुमार यादव, राज किशोर प्रसाद, मानिक चंद सेठ, चंदन वर्णवाल, विवेक साव, बासुदेव शर्मा, मीना साव समेत अन्य मौजूद थे.

दोस्त का अपहरण, छह गिरफ्तार


 
12वीं के छात्र का अपहरण कर परिजनों से मांगी 20 लाख की फिरौती
पुलिस ने कुछ ही घंटे में कर िलया मामले का उद्भेदन, अपहृत छात्र सकुशल बरामद
हथियार, मोबाइल व मोटरसाइकिल जब्त
 
कोडरमा : तिलैया थाना क्षेत्र के डाॅक्टर गली में संचालित दास मेडिकल के मालिक विनोद कुमार के 17 वर्षीय पुत्र अमित कुमार जाह्नवी का बीती रात अपहरण कर 20 लाख की फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. परिजनों से फोन पर फिरौती मांगे जाने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने इस मामले का उद्भेदन कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया. अमित के अपहरण की साजिश उसके अपने ही दोस्त व कक्षा के सहपाठी ने रची थी. पुलिस ने उसके साजिशकर्ता दोस्त सूरज यादव व नजदीकी सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देसी पिस्तौल, .315 बोर की एक जिंदा गोली, एक खोखा के अलावा एक चाकू, सात मोबाइल व दो मोटरसाइकिल बरामद किया गया है.
 
गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार (पिता- मनोज कुमार), निवासी विशुनपुर रोड, सौरभ कुमार (पिता- अशोक पासवान), निवासी कलाली रोड, अनिल वर्मा (पिता- देवकी वर्मा), निवासी कलाली रोड, आर्या अभिषेक (पिता- कुमुद पंडित), निवासी चंदवारा, राजेश प्रसाद (पिता- सोहर सुंडी), निवासी बेकोबार कोडरमा, सूरज यादव (पिता- राजकुमार यादव), निवासी चेचाई शामिल हैं. यह जानकारी शुक्रवार को तिलैया थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक जी क्रांति कुमारने दी.
 
एसपी ने बताया कि बीती रात करीब 10 बजे तिलैया पुलिस को सूचना मिली की एक 17 वर्षीय बच्चे का अपहरण हो गया है. इसके बाद बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए एसडीपीओ चंदेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम बनायी गयी. टीम में थाना प्रभारी महेंद्र प्रसाद सिंह, एसआइ नरेश कुमार व अन्य को शामिल किया गया. रात दो बजे परिजनों को दोबारा फोन कर फिरौती मांगी गयी, तो पुलिस ने अपनी जाल बिछायी. 
 इसके बाद पहले दो संदिग्ध युवकों राजकुमार व सौरभ कुमार को सुभाष चौक के पास पकड़ा गया. इनसे हुई पूछताछ व मोबाइल बरामदगी के बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने तिलैया डैम ओपी क्षेत्र के चरकी पहरी गांव में एक मकान में छापामारी कर अपहृत अमित कुमार को सकुशल बरामद कर लिया. यहां से अनिल वर्मा, आर्या अभिषेक, राजेश प्रसाद, सूरज यादव को पकड़ा गया. 
 
सूरज के पास से देसी पिस्तौल व कारतूस बरामद हुआ, जबकि अनिल वर्मा के पास एक चाकू बरामद किया गया. उन्होंने बताया कि दो आरोपियों ने अपहरण की घटना को मोटरसाइकिल से अंजाम दिया और अपहरण के बाद उसे चरकी पहरी गांव ले गये. पुलिस ने बिना नंबर की होंडा लियो मोटरसाइकिल व एक पल्सर नंबर जेएच-12ई-6076 बरामद किया. एसपी ने बताया कि इस संबंध में थाना कांड संख्या 245/16 दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजे जाने की तैयारी है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से पांच स्कूल व काॅलेज के छात्र हैं, जबकि इन लोगों का मास्टर माइंड सूरज यादव व राजेश प्रसाद है.

पुलिस ने किया दो को गिरफ्तार


 
 
हजारीबाग : सरकारी वेबसाइट को हाइक कर राशन कार्ड बनाने के मामले में सदर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है. पकड़े गये दोनों युवकों में  मो सलाम (पिता-मो एजाज) और जुनैद आलम (पिता-नूर मोहम्मद) शामिल हैं और मंडईकला के रहनेवाले हैं.  पुलिस ने युवकों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल समेत कई सामान बरामद की है. 
 
मो एजाज बीए पार्ट वन का छात्र है, जबकि जुनैद आलम सीबीएससी दसवीं पास है. पुलिस दोनों युवकों से कड़ाई के साथ पूछताछ कर रही है. इस संबंध में हजारीबाग में राशन कार्ड बनानेवाली कंपनी एलाइड आइटी सोल्यूशन एजेंसी के राहुल प्रधान ने सदर थाना में मामला दर्ज कराया है.
 
कैसे पकड़ाये युवक : जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिला में राशन कार्ड बनाने के लिए एलाइड आइटी सोल्यूशन एजेंसी को काम दिया गया है. इसी कंपनी में जीत नामक युवक कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता है. 
 
उसकी दोस्ती मंडई के दाऊद नाम के युवक से है. बाद में दाऊद की दोस्ती आरोपी जुनैद आलम एवं मो सलाम से हो गयी. इसी दौरान जुनैद आलम एवं मो सलाम ने दाऊद के माध्यम से जीत से सरकारी वेबसाइट का पासवर्ड ले लिया. इसके बाद युवक लोगों से पैसा लेकर फरजी तरीके से राशन कार्ड बनाने लगे. शुक्रवार को दोनों युवक जिला स्कूल के सामने लैपटॉप लेकर राशन कार्ड बना रहे थे. दोनों ने राशन कार्ड बनाने के लिए दारू प्रखंड के डीलर रामप्रकाश वर्मा से संपर्क किया. इसके बाद डीलर ने इसकी सूचना डीएसओ कार्यालय को दी. कार्ड बनानेवाली एजेंसी के पदाधिकारियों व अन्य लोगों ने आरोपी युवकों को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया.
 
राशन कार्ड बनानेवाले संवेदक राहुल कुमार ने बताया कि ये लोग लोगों से डेढ़ सौ से तीन सौ रुपये लेकर राशन कार्ड बनाते थे और आधार सीडिंग का कार्य करते थे. 
 
आरोपी मो सलाम ने बताया कि पहली बार राशन कार्ड बनाने का काम कर रहा था. एलाइड आइटी सोल्यूशन में कार्यरत कंप्यूटर अॉपरेटर जीत से उसका परिचय है. उसी से सरकारी वेबसाइट का पासवर्ड हासिल किया. वहीं आरोपी जुनैद आलम ने बताया कि उसका इस धंधा से कोई संबंध नहीं है. इसके साथ वह सिर्फ खड़ा था.

पुलिस ने किया दो को गिरफ्तार


हजारीबाग : सरकारी वेबसाइट को हाइक कर राशन कार्ड बनाने के मामले में सदर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है. पकड़े गये दोनों युवकों में  मो सलाम (पिता-मो एजाज) और जुनैद आलम (पिता-नूर मोहम्मद) शामिल हैं और मंडईकला के रहनेवाले हैं.  पुलिस ने युवकों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल समेत कई सामान बरामद की है. 
 
मो एजाज बीए पार्ट वन का छात्र है, जबकि जुनैद आलम सीबीएससी दसवीं पास है. पुलिस दोनों युवकों से कड़ाई के साथ पूछताछ कर रही है. इस संबंध में हजारीबाग में राशन कार्ड बनानेवाली कंपनी एलाइड आइटी सोल्यूशन एजेंसी के राहुल प्रधान ने सदर थाना में मामला दर्ज कराया है.
 
कैसे पकड़ाये युवक : जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिला में राशन कार्ड बनाने के लिए एलाइड आइटी सोल्यूशन एजेंसी को काम दिया गया है. इसी कंपनी में जीत नामक युवक कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता है. 
 
उसकी दोस्ती मंडई के दाऊद नाम के युवक से है. बाद में दाऊद की दोस्ती आरोपी जुनैद आलम एवं मो सलाम से हो गयी. इसी दौरान जुनैद आलम एवं मो सलाम ने दाऊद के माध्यम से जीत से सरकारी वेबसाइट का पासवर्ड ले लिया. इसके बाद युवक लोगों से पैसा लेकर फरजी तरीके से राशन कार्ड बनाने लगे. शुक्रवार को दोनों युवक जिला स्कूल के सामने लैपटॉप लेकर राशन कार्ड बना रहे थे. दोनों ने राशन कार्ड बनाने के लिए दारू प्रखंड के डीलर रामप्रकाश वर्मा से संपर्क किया. इसके बाद डीलर ने इसकी सूचना डीएसओ कार्यालय को दी. कार्ड बनानेवाली एजेंसी के पदाधिकारियों व अन्य लोगों ने आरोपी युवकों को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया.
 
राशन कार्ड बनानेवाले संवेदक राहुल कुमार ने बताया कि ये लोग लोगों से डेढ़ सौ से तीन सौ रुपये लेकर राशन कार्ड बनाते थे और आधार सीडिंग का कार्य करते थे. 
 
आरोपी मो सलाम ने बताया कि पहली बार राशन कार्ड बनाने का काम कर रहा था. एलाइड आइटी सोल्यूशन में कार्यरत कंप्यूटर अॉपरेटर जीत से उसका परिचय है. उसी से सरकारी वेबसाइट का पासवर्ड हासिल किया. वहीं आरोपी जुनैद आलम ने बताया कि उसका इस धंधा से कोई संबंध नहीं है. इसके साथ वह सिर्फ खड़ा था.

महिला बनकर 'गंदी बात' करता था, हकीकत जानकर पुलिस के उड़ गए होश

 
शातिर अपराधी जुर्म करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन हम आपको एक ऐसे अपराधी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी हरकतें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई. दरअसल बिहार की राजधानी पटना में एक शातिर तस्कर शराब की तस्करी करने के लिए महिला बन जाता था. जब वह पुलिस की पकड़ में आया तो पुलिस भी उसकी हकीकत जानकर हैरान रह गई.
बिहार के पटना में रहने वाले अविनाश उर्फ़ गोल्डी की सच्चाई चौंकाने वाली है. दरअसल पुलिस को उसकी फोटो के साथ एक खुफिया टेप मिली थी, जिसमें बताया गया कि अविनाश नाम का शख्स महिला बनकर रैकेट चलाता है.शराबकी तस्करी करता है. पुलिस ने मामले की तफ्तीश की तो खबर सही निकली. इसके बाद पुलिस ने जाल फैलाकर अविनाश उर्फ गोल्डी उर्फ मोनिका को गिरफ्तार कर लिया.
अविनाश नाम का शातिर बहरुपिया मोनिका बनकर शराब की अवैध तस्करी, फर्जी आईडी, आधार कार्ड और प्रमाण पत्र बनाने का काम कर रहा था. पटना की सुल्तानगंज थाना पुलिस ने पटना के एसएसपी मनु महाराज के निर्देश पर शुक्रवार को महेंद्रू के रानीघाट स्थित उसके ऑफिस में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया.
अविनाश के ऑफिस से पांच बोतल शराब, 10 हजार नकद, एक कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, कई अधिकारियों की मुहर भी बरामद हुई. कंप्यूटर में पासवर्ड डाला हुआ था. पुलिस अब कम्प्यूटर को खंगालने में जुटी है. पुलिस ने उसके दफ्तर को सील कर दिया है. पुलिस को अविनाश के मोबाइल और दफ्तर से कुछ फोटो भी मिले हैं, जिसमें अविनाश साड़ी, सलवार-सूट आदि पहने हुए सजी-धजी महिला की तरह दिख रहा है.
अविनाश पिछले तीन वर्षों से अपराध की दुनिया में महिला बनकर ही सक्रिय था. पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी ओरिजनल वोटर आईकार्ड, आधार कार्ड और प्रमाण की स्कैनिंग कर किसी के भी नाम पर कागजात तैयार कर देता था. इसके एवज में वह 500 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की वसूली करता था. यही नहीं वह मैट्रिक, इंटर, बीए, डिप्लोमा, बीएड के अलावा जेई, आईटीआई आदि का फर्जी प्रमाण पत्र भी बनाता था. विदेशों में नौकरी के लिए जाने वाले युवक उसके ग्राहक थे. राजधानी से लेकर गांव तक के लोग उसके पास प्रमाण पत्र बनवाने आते थे.
अविनाश उर्फ़ गोल्डी की बातों पर यकीन करें तो, महिला बनकर अपराध करने आइडिया उसे तिरुपति बालाजी की यात्रा के दौरान मिला. उसने वहां देखा कि लड़के महिलाओं का रूप धारण कर पूजा करते हैं. उनका एक अलग ही समाज होता है. इसी से प्रभावित होकर उसने महिला का रूप धारण कर फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया. अविनाश फेसबुक पर भी मोनिका कुमारी के नाम से अकाउंट चलाता था. उसके मोबाइल में कई समलैंगिक अश्लील वीडियो भी मिले हैं.
अविनाश के तीन भाई है और तीनों अभी कुंवारे हैं. तीन साल पहले वह घर से गायब हो गया था और जब वापस आया तो उसका रूप ही बदला हुआ था. उसके बाद से ही अविनाश यहगोरखधंधा करने लगा था.
पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि एक शख्स ने उसके बारे में सूचना दी थी और उसका फोटो भी दिया था. उसने कहा था कि यह पुरुष है, लेकिन महिला का वेश बदलकर गलत काम करता है. कई तरह के रैकेट चलाता है. उसके बाद पुलिस सादा वर्दी में उसके ठिकाने पर गई और उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया

Thursday, 22 September 2016

हैरान कर देंगी ये सच्‍चाई... स्‍कूल से महरूम हैं 8.4 करोड़ भारतीय बच्‍चे

 
जनगणना 2011 के रिलीज आंकड़ों से भारतीय मासूमों की हकीकत सामने आयी है।
नई दिल्ली। एक ओर जहां पूरे देश में शिक्षा दर को बेहतर बनाने के लिए केंद्र की ओर से असंख्य योजनाएं व स्कीम लांच की जा रही हैं वहीं हाल में रिलीज हुए जनगणना 2011 के आंकड़ों से भारत में शिक्षा और बाल श्रम से जुड़ी चौंकाने वाली बातें सामने आयी हैं।

2011 जनगणना के आंकड़ों से पता चला कि 78 लाख भारतीय बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं वहीं 8.4 करोड़ बच्चे स्कूल ही नहीं जाते। हालांकि छात्रों की पूरी जनसंख्या की तुलना में मजदूरी करने वाले बच्चों की संख्या कम है। परिवारों व बच्चों के बीच शिक्षा को कितना महत्व दिया जा रहा है इसे दिखाने के लिए यह आंकड़ा काफी है। इसके जरिए शिक्षा के बढ़ते खर्च की ओर भी संकेत किया गया है जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि 5 से 17 साल की उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए। काम करने वाले छात्र-छात्राओं में 43 फीसद लड़कियां और 57 फीसद लड़के हैं। पितृसत्तात्मक देश में यह कोई अचरज की बात नहीं जहां वर्कफोर्स में केवल 27 फीसद महिलाएं हैं।

आपको यह जानकर और हैरानी होगी की बाल श्रमिकों में 6 साल के मासूम भी हैं। इसी तरह से चौंकाने वाली बात यह भी है कि 8.4 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जाते जो कि उस कैटेगरी का करीब 20 फीसद हिस्सा है जो राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत आता है। बच्चों को केवल शिक्षा दिया जाना है पर उन्हें मिलने वाली शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं है। हर क्षेत्र में नेतृत्व की कमी है चाहे वह राजनीतिक, शैक्षिक या सामाजिक है। बच्चों के स्कूल न जाने का सबसे सरल कारण है कि उन्हें काम करने को मजबूर होना पड़ता है।

Wednesday, 21 September 2016

सड़क से हटा अतिक्रमण

हजारीबाग : शहर को अतिक्रमण और जाम से मुक्त कराने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू हुई. बुधवार को प्रशासन की ओर से समाहरणालय परिसर गेट से नवाबगंज रोड समेत अन्नदा चौक और टाउन हॉल रोड के आसपास से अतिक्रमण हटाया गया. इस दौरान दुकानदारों द्वारा सड़क पर रखे गये साइन बोर्ड समेत अन्य सामानों को हटा दिया गया. साथ ही दुकानदारों को चेतावनी भी दी गयी. 
 
अतिक्रमण हटाये जाने के बाद हजारीबाग में पहले ही जिन ट्रैफिक की स्थिति में सुधार दिखी. लोगों को काफी हद तक जाम से निजात मिला. प्रशासन की ओर से दुकानदारों को चेतावनी दी गयी है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान सड़क पर बोर्ड लगानेवालों पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी, वहीं दंड भी वसूले जायेंगे. प्रशासन की ओर से अभियान के दौरान टाउन हॉल रोड में निजी क्लीनिक, दवा दुकान, चिकित्सक व इंस्टीट्यूट के बोर्ड को जब्त कर लिया गया. इनसे पांच-पांच हजार रुपये आर्थिक दंड की वसूली की जायेगी. अतिक्रमण में सदर सीओ राजीव कुमार सिंह, टैक्स दारोगा रामदुलारे यादव समेत पुलिस बल शामिल थे.
 
कॉम्प्लेक्स के सामने किया गया अतिक्रमण
 
शहर के सभी कांप्लेक्स के जेनरेटर सड़क रखे जाते हैं. इसके अलावा कांप्लेक्स के सामने मोटरसाइकिल लगा दिये जाते हैं. बैंकों के सामने सड़क को ही पार्किंग बना दी गयी है. नगर पर्षद से सभी कांप्लेक्स के नक्शे में पार्किंग की सुविधा दिखायी गयी है. सडक से कांप्लेक्स की दूरी में कई मीटर स्थान खाली बताया गया है. जिला प्रशासन व नगर परिषद के कोताही के कारण  सभी कंप्लेक्स के पार्किंग स्थल पर दुकान बना दिये गये हैं. ऐसी स्थिति में लोगों को अतिक्रण का सामना करना पड़ता है.

भूखे अजगर ने जब निगला नीलगाय तो....

अहमदाबाद : गुजरात में गीर के जंगल में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला जिसने सबको चौका कर रख दिया है. यहां करीब 20 फीट लंबे और अजगर को इतनी भूख लगी कि उसने पूरी नीलगाय को गले के नीचे उतार लिया. खाने को तो अजगर ने नीलगाय को खा लिया लेकिन उसके बाद उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि वह चल नहीं पा रहा था.

दरअसल, नीलगाय का आकार इतान बड़ा था कि नीलगाय को निगलते ही अजगर का पेट फूल गया. ऐसा प्रतित हो रहा था कि मानों किसी ने इस अजगर के पेट में ठूंसकर कुछ भर दिया हो. अजगर की हालत ऐसी हो गई कि वो चल पाने में असमर्थ हो गया.

आनन-फानन में इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई जिसके बाद गीर सैंक्चुरी के अफसर इस अजगर को अपने साथ ले गए और एक पिंजरे में रख दिया. वन विभाग के अफसरों ने इस संबंध में बताया कि जब यह शिकार अजगर के पेट में पच जाएगा तो वह खुद-ब-खुद नार्मल हो जाएगा.

फिलहाल अजगर गिरनार वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी में देख-रेख में है.

Tuesday, 20 September 2016

शरीर में छुपाकर ले जा रहा था पूरे 400 आईफोन

 
डेली मेल की खबर के मुताबिक स्मगलर्स यह फोन्स चीन के शहर शेनझेन से हॉन्ग कॉन्ग ले जाना चाह रहे थे। चुराए गए फोन्स को स्मगलर्स ने कपड़ों, ट्राउजर्स के साथ ही अपने शरीर के सहारे बांध
शेनझेन। चीनी बॉर्डर कंट्रोल अथॉरिटी ने कई लोगों को आईफोन की स्मगलिंग करते हुए पकड़ा है। इन लोगों से 400 नए आईफोन 7 हैंडसेट्स बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई उसी दिन हुई जब आईफोन को लॉन्च किया गया।
डेली मेल की खबर के मुताबिक स्मगलर्स यह फोन्स चीन के शहर शेनझेन से हॉन्ग कॉन्ग ले जाना चाह रहे थे। चुराए गए फोन्स को स्मगलर्स ने कपड़ों, ट्राउजर्स के साथ ही अपने शरीर के सहारे बांध रखा था।
अथॉरिटीज का कहना है कि इन लोगों से उन्होंने 400 आईफोन्स 7 बरामद किए हैं। इनकी कीमत 3 मिलियन युआन (344,787 पाउंड) आंकी गई है। यह घटना 16 सितंबर 2016 की है।
खबरों के मुताबिक एक व्यक्ति को एक ही फोन ले जाने की अनुमति दी गई थी। इससे अधिक हैंडसेट्स को ले जाने का मामला स्मगलिंग माना गया है।
कस्टम डिपार्टमेंट की ओर से स्मगलिंग में पकड़ाए गए सामान की नीलामी की योजना बनाई जा रही है। हॉन्ग कॉन्ग की में आईफोन 7 की कीमत 552 पाउंड है जबकि चीन में आईफोन 7 की कीमत 619 पाउंड है।
इस तरह छुपा रखे थे आईफोन 7।
पेंट पर भी बांध रखे थे आईफोन।
मोजे में भी फंसा लिए थे आईफोन।

सीरिया में अमेरिकी हमले में 62 सैनिक मारे गए, रूस ने जताई आपत्ति

 
अमेरिकी हवाई हमले में 62 सीरिया सेना के जवान मारे गए। हालांकि, करीब 90 जवानों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है।
बेरूत, रायटर : सीरिया में अमेरिका और रूस के बीच युद्धविराम के मध्य अचानक हुए अमेरिकी हवाई हमले में सीरियाई सेना के 62 जवान मारे गए हैं। दावा 90 जवानों के मारे जाने का भी है। करीब एक सौ सैनिक घायल हुए हैं। हमले पर रूस ने आक्रोश जाहिर किया है तो अमेरिका ने इसके लिए खेद जताया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमला गलतफहमी के चलते हुआ। आइएस आतंकी समझकर कार्रवाई की गई। रूस की मांग पर शनिवार रात ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक हुई। बैठक में रूस ने अमेरिका पर सीरिया में हुए समझौते को जान-बूझकर तोड़ने का आरोप लगाया। अमेरिका ने इस आरोप को गलत बताया है।

सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रतिनिधि समांथा पावर ने कहा है कि रूस मामले को अनावश्यक तूल दे रहा है। अमेरिकी कार्रवाई गलतफहमी के चलते हुए, जिसके लिए खेद जताया गया है। हम पूरे मामले की जांच करा रहे हैं। सीरिया पर हमने रूस के साथ समझौता अच्छी नीयत और पूरे विश्वास से किया था लेकिन यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हो गई। जबकि सुरक्षा परिषद में रूस के प्रतिनिधि विटली चुरकिन ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि दोनों देशों का शांति समझौता अनिश्चितता में फंस गया है। अभी उसके बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
उधर रूस सरकार ने कहा है कि जिस डीयर अल जोर इलाके में हमला हुआ, वहां वास्तव में सीरियाई सेना का ठिकाना था। फिर वहां पर आइएस आतंकियों को लेकर गलतफहमी कैसे हो सकती है? रूस का आरोप है कि अमेरिका का यह हमला सीरिया में विद्रोही गुट को ताकत देने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि रूस सीरिया में बसर अल असद की सरकार का समर्थन कर रहा है।


आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

आतंकी संगठन आइएस ने सीरियाई वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मार गिराया है। यह दावा आइएस से जुड़ी न्यूज एजेंसी अमाक ने रविवार को किया है। सीरिया में मानवाधिकारों पर नजर रख रही एक संस्था ने भी घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार डीयर अल जोर इलाके में मार गिराया गया विमान मूल रूप से रूसी मिग था
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उधर रूस सरकार ने कहा है कि जिस डीयर अल जोर इलाके में हमला हुआ, वहां वास्तव में सीरियाई सेना का ठिकाना था। फिर वहां पर आइएस आतंकियों को लेकर गलतफहमी कैसे हो सकती है? रूस का आरोप है कि अमेरिका का यह हमला सीरिया में विद्रोही गुट को ताकत देने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि रूस सीरिया में बसर अल असद की सरकार का समर्थन कर रहा है।


आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

आतंकी संगठन आइएस ने सीरियाई वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मार गिराया है। यह दावा आइएस से जुड़ी न्यूज एजेंसी अमाक ने रविवार को किया है। सीरिया में मानवाधिकारों पर नजर रख रही एक संस्था ने भी घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार डीयर अल जोर इलाके में मार गिराया गया विमान मूल रूप से रूसी मिग था
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उधर रूस सरकार ने कहा है कि जिस डीयर अल जोर इलाके में हमला हुआ, वहां वास्तव में सीरियाई सेना का ठिकाना था। फिर वहां पर आइएस आतंकियों को लेकर गलतफहमी कैसे हो सकती है? रूस का आरोप है कि अमेरिका का यह हमला सीरिया में विद्रोही गुट को ताकत देने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि रूस सीरिया में बसर अल असद की सरकार का समर्थन कर रहा है।


आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

आतंकी संगठन आइएस ने सीरियाई वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मार गिराया है। यह दावा आइएस से जुड़ी न्यूज एजेंसी अमाक ने रविवार को किया है। सीरिया में मानवाधिकारों पर नजर रख रही एक संस्था ने भी घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार डीयर अल जोर इलाके में मार गिराया गया विमान मूल रूप से रूसी मिग था।
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उधर रूस सरकार ने कहा है कि जिस डीयर अल जोर इलाके में हमला हुआ, वहां वास्तव में सीरियाई सेना का ठिकाना था। फिर वहां पर आइएस आतंकियों को लेकर गलतफहमी कैसे हो सकती है? रूस का आरोप है कि अमेरिका का यह हमला सीरिया में विद्रोही गुट को ताकत देने के लिए किया गया है। उल्लेखनीय है कि रूस सीरिया में बसर अल असद की सरकार का समर्थन कर रहा है।


आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

आतंकी संगठन आइएस ने सीरियाई वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मार गिराया है। यह दावा आइएस से जुड़ी न्यूज एजेंसी अमाक ने रविवार को किया है। सीरिया में मानवाधिकारों पर नजर रख रही एक संस्था ने भी घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार डीयर अल जोर इलाके में मार गिराया गया विमान मूल रूप से रूसी मिग था।
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आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

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आइएस ने सीरिया का लड़ाकू विमान मार गिराया

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जी का जंजाल बना रोज का जाम


हजारीबाग : हजारबागों के शहर हजारीबाग में प्रतिदिन लगने वाला जाम जी का जंजाल बन गया है। गुरू गो¨वद ¨
हजारीबाग : हजारबागों के शहर हजारीबाग में प्रतिदिन लगने वाला जाम जी का जंजाल बन गया है। गुरू गो¨वद ¨सह रोड से पैगोडा चौक, जिला परिषद चौक से अंनदा चौक, झंडा चौक से सुंदरी मार्केट, गोला रोड, मालवीय मार्ग सहित कांग्रेस ऑफिस रोड के लिए शायद हीं ऐसा कोई दिन होगा जिस दिन जाम नहीं होता। जाम के हालात इतने भयावह हैं कि इन स्थानों पर वाहन तो दूर की बात पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी इन सड़कों की हालत यही रही। जहां करीब तीन घंटे तक विभिन्न चौक चौराहें व सड़कें जाम रहीं। दिन के 9 से 11, 12 से 2 तथा तीन से पांच बजे हर दिन सड़कें जाम रहती हैं। शहर में बारिश के बाद लगने वालें जाम से सबसे ज्यादा स्थिति खराब होती है। इस समय विभिन्न चौक चौराहों पर दिखने वाली यातायात पुलिस गायब हो जाती है। मंगलवार को झंडा चौक से लेकर पैगोडा चौक, बंशीलाल चौक, कचहरी चौक, समाहरणालय गेट, गुरु गो¨वद ¨सह रोड पूरे दिन जाम रहा। जहां हर पांच मिनट पर वाहनों की लंबी कतारे लगती रहीं।
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यहां जरूर दिखते हैं पुलिस जवान
यातायात व्यवस्था को संभालने वाली यातायात पुलिस गुरुगो¨वद ¨सह रोड में दिन में दिखे या नहीं पर हर सुबह सब्जी मंडी के पास जरूर दिखाई दे जाती है। ये लोग व्यवस्था बनाने नहीं बल्कि वाहनों से वसूली के लिए आते हैं। इसी तरह का नजारा झंडा चौक, गोला रोड, पैगोडा चौक, मालवीय मार्ग व बंशीलाल चौक का होता है। जहां हर दिन यातायात के जवान अपनी व्यवस्था में लगे रहते हैं।
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पुराना बस स्टैंड के समीप बेहतर हुई है स्थिति
यातायात के जवानों का बेहतर काम पुराना बस स्टैंड चौक पर दिखाई देता है। जहां जवान मुस्तैदी से कार्य करते दिखाई देते हैं। इसके अलावा डीवीसी चौक पर स्थिति कुछ बेहतर रहती है। इसके बाद ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां व्यवस्था माकूल हो।
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जाम से लाल-पीले हुए यातायात डीएसपी, लगाई फटकार
मंगलवार के जाम से डीएसपी यातायात सहदेव साव भी लाल-पीले हो गए। इस बाबत यातायात इंस्पेक्टर सहित कई पदाधिकारियों को बुलाकर जमकर झाड़ लगाई । पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए यातायात व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया।
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जाम को लेकर उपाय
डीएसपी ने यातायात पदाधिकारियों के साथ बैठकर यातायात नियंत्रित को लेकर कई उपाय किए हैं। बुधवार से यातायात को लेकर शहर में बदला बदला सा नजारा दिखाई देगा। बैठक में शहर में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों मे वनवे करने का विचार किया गया है। वहीं मालवाहक व तीनपहिया वाहनों को भी नियंत्रित करते हुए शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यातायात से संबंधित सुझाव भी मांगे गए हैं।
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पूर्व प्रभारी रमाशंकर मिश्रा ने बदली थी परिभाषा
हजारीबाग में यातायात की परिभाषा पूर्व प्रभारी रमाशंकर मिश्रा ने बदली थी। अपने आठ माह के कार्यकाल में उन्होंने शहर में लोगों को यातायात का मतलब समझाते हुए जिला परिषद चौक को सीसीटीवी कैमरा से लैस किया था। इसके अलावा सिग्नल व टाइमर भी चौक पर लगाए गए थे। हजारीबाग के लिए यह पहला मौका था जब लोग बत्ती व टाइमर के नियम का पालन करने लगे थे। इतना ही नहीं उनके कार्यकाल में ¨सदूर से लेकर कोनार पुल तक गति नियंत्रित करने के कारण आठ माह में एक भी सड़क दुर्घटना नहीं हुई थी। स्कूलों के सामने भी तथा जागरूकता के लिए भी विशेष अभियान चलाया था।
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गायब हो गए सीसीटीवी कैमरे, टाइमर व बत्ती
जिला परिषद चौक पर नियम तोड़ने वाले वाहन तथा अवैध वसूली रोकने को लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, लाईट, सिग्नल व टाइमर के साथ नशा तथा स्पीड जांच करने के लिए मंगाई गई मशीन स्पीडोमीटर गायब हो गई है। कुछ मशीनें व कंप्यूटर यातायात विभाग के गोदाम की शोभा बढ़ा रही हैं।

15 पीसीआर वैन से हाईवे की होगी पेट्रोलिंग, हर जिले से होगा कनेक्ट

 
रांची.राजधानी में 15 पीसीआर वैन से हाईवे की पेट्रोलिंग की जाएगी। इसकी शुरुआत इसी सप्ताह होगी। पुलिस के पास पहले से दो पीसीआर वैन थी, अब और आठ वैन उपलब्ध कराई गई है। कुछ दिनों में पांच और वैन मिल जाएगी। एसएसपी कुलदीप द्विवेदी का कहना है कि मंगलवार को पुलिस लाइन में सभी पीसीआर वैन में तैनात पुलिस पदाधिकारियों को बुला कर बताया गया कि उन्हें कैसे डयूटी करनी है।
लोकल थाना को मिलेगी राहत
- कुछ पीसीआर की परेशानी भी सुनी गई और उन्हें दूर किया गया।
- हाईवे पेट्रोलिंग होने से लोकल थाना पुलिस को राहत मिलेगी और उसे केस के अनुसंधान का समय मिलेगा।
- हाईवे पेट्रोलिंग को हर जिला से जोड़ा जाएगा। इससे यह लाभ होगा कि कोई वीआईपी मूवमेंट होगा, तो पीसीआर अपने क्षेत्र से उन्हें निकाल कर दूसरे पीसीआर के इलाके तक पहुंचाएगा।
- शहर में किसी तरह की कोई घटना होने पर सबसे पहले पीसीआर में तैनात पुलिस के जवान पहुंचते थे।
- पुलिस की छवि उन्हीं के हाथ में होती है। सभी पीसीआर को बताया गया कि आम लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा हो।
- क्राइम कंट्रोल करने में उनकी क्या भूमिका होगी।

हत्या करने जा रहा बादशाह गिरोह का सरगना गिरफ्तार, हथियार बरामद

 
रांची.रांची पुलिस ने बादशाह गिरोह के सरगना जीतेंद्र महतो और विजय गोप को टंकी साइड धुर्वा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से एक देसी पिस्तौल, दो गोली और पांच पर्चा मिले हैं। पर्चे पर बादशाह गिरोह लिखा है और पी सिंह का नाम अंकित है। पी सिंह कौन है, इसका पुलिस पता लगा रही है।
हत्या की ली थी जिम्मेदारी
एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि गिरोह में पकड़े गए दोनों आरोपियों के अलावा प्रेम बारला, विजय गोप, रवि महतो, लक्ष्मण व अर्जुन उरांव हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। जीतेंद्र ने दो मार्च को अपने साथियों के साथ मिलकर पीएलएफआई से संबंध रखने वाले अर्जुन ठाकुर की हत्या कर दी थी। इसके बाद बादशाह गिरोह का पर्चा छोड़ कर हत्या की जिम्मेवारी ली थी। एसएसपी के अनुसार कर्रा और इटकी में गिरोह ने तीन अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है। जीतेंद्र ने बताया कि अर्जुन उसकी हत्या करने वाला था, इस कारण उसे मार डाला। पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के लोग बाइक से तुपुदाना या धुर्वा इलाके से आएंगे और घटना को अंजाम देकर फरार हो जाएंगे। इसके बाद ही उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जाल बिछाया।
काॅल रिकॉर्ड हो रही थी
एसएसपी का कहना है कि गिरोह के लोगों के नाम और फोन नंबर पुलिस को मिल गए थे। पुलिस उन्हें लगातार पकड़ने का प्रयास कर रही थी। फोन पर उनके बीच हो रही बातचीत की जानकारी मिल रही थी। कुछ दिनों से गिरोह के सदस्य तीन जमीन कारोबारी गुड्डू अंसारी, बजरंग महतो और समीर की हत्या की फिराक में लगे थे। पुलिस ने तीनों कारोबारियों को सतर्क करते हुए संभल कर रहने को कहा था। पकड़े गए दोनों अपराधियों ने बताया कि वे एक जमीन कारोबारी की हत्या करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया।
पीएलएफआई के साथ गैंगवार की थी आशंका
एसएसपी का कहना है कि बादशाह गिरोह के सभी अपराधी पहले पीएलएफआई से जुड़े थे। कुछ साल पहले उससे नाता तोड़ कर अपना गिरोह तैयार किया था और वर्चस्व स्थापित करने के लिए लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इस वजह से पीएलएफआई और बादशाह गिरोह के बीच गैंगवार की भी आशंका थी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की दो टूक, आतंकवाद को लेकर पाखंड नहीं चलेगा

 संयुक्त राष्ट्र : भारत ने कहा है कि आतंकवाद आज विश्व के लिए ‘‘अस्तित्व संबंधी खतरा'' बन गया है और इसे लेकर ‘‘पाखंड'' अस्वीकार्य है. भारत ने रेखांकित किया कि बड़े स्तर पर शरणार्थी संकट के पीछे का ‘‘अहम कारण'' आतंकवाद है.

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के पहले शरणार्थी एवं प्रवासी शिखर सम्मेलन में कल यहां अपने संबोधन में कहा, ‘‘इस बात पर बल देना महत्वपूर्ण है कि शरणार्थी संकट का अहम कारण आतकंवाद है. क्या हम इस तथ्य को नजरअंदाज कर सकते हैं, हम नहीं कर सकते. हम अपने जोखिम पर ऐसा करते हैं.'' अकबर ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद से विश्व को ‘‘अस्तित्व संबंधी खतरा'' है और ‘‘इस संकट को लेकर पाखंड नहीं चलेगा.'' उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि संघर्ष, युद्ध एवं गरीबी से बचकर भाग रहे लाखों लोगों के लिए अच्छे या बुरे आतंकवाद जैसी कोई चीज नहीं है.

अकबर ने कहा, ‘‘अच्छे आतंकवाद या बुरे आतंकवाद जैसी कोई चीज नहीं है और यदि आपके पास इस प्रश्न का उत्तर नहीं है तो आप केवल किसी शरणार्थी से यह पूछिए कि क्या वह किसी आतंकवाद को अच्छा या बुरा मानता है.'' आतंकवाद को मानवाधिकारों के लिए ‘‘सबसे बड़ा खतरा'' बताते हुए अकबर ने कहा कि बड़ी  संख्या में लोगों का सीमा पार करके जाना यह याद दिलाता है कि दुनिया एक वैश्विक गांव बन गयी है.

अकबर ने कहा, ‘‘हम समृद्ध या नष्ट एक साथ ही हो सकते हैं, यह सबसे अच्छा होगा कि हम शांति, समृद्धि एवं मित्रता के साथ रहना सीख लें.'' उन्होंने ‘‘बचाव को उपचार से बेहतर'' बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद जैसे मुद्दों से निपटना होगा, सशस्त्र संघर्ष रोकना होगा और विकास का मार्ग आसान बनाना होगा जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि लोगों को अपना देश छोड़ कर जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़े. अकबर ने कहा, ‘‘हमें यह पता लगाना होगा कि वे शरण क्यों मांगते हैं. बचाव उपचार से बेहतर है. कभी-कभी बचाव ही एकमात्र उपचार होता है.'' उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष रोक कर, आतंकवाद से निपट कर, स्थायी विकास के लिए शांति निर्माण एवं स्थापना और सुशासन की स्थिति लोगों को अपने देश छोड़ कर जाने के लिए मजबूर होने से रोकेगी.

अकबर ने मौजूदा शरणार्थी संकट को ‘‘अभूतपूर्व'' बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अनुमानत: करीब 25 करोड़ लोगों या हर 30 में से एक व्यक्ति को अपना देश छोड़ कर जाना पड़ रहा है और कुल शरणार्थियों की तीन चौथाई संख्या मात्र 11 देशों से आती है.'' उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि सभी शरणार्थियों की आधी से अधिक संख्या को मात्र सात देश शरण दे रहे हैं और सभी शरणार्थियों के करीब 90 प्रतिशत लोग विकासशील देशों में रह रहे हैं.

अकबर ने कहा कि यह मानना गलत है कि मेजबान देश शरणार्थियों को शरण नहीं देना चाहते. उन्होंने कहा, ‘‘यह माना जाता है कि विभिन्न देश शरणार्थियों को नहीं रखना चाहते. मैं पूछता हूं कि क्या शरणार्थी भी शरणार्थी बनना चाहते हैं , नहीं चाहते.'' अकबर ने कहा कि शरणार्थी संकट दुनिया के सामने बहुत लंबे समय से हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘शरणार्थी संकट युद्ध जितना ही पुराना है. युद्ध का पहला परिणाम मौत होता है और दूसरा परिणाम शरणार्थी होते हैं. एक अन्य तरह के भी लोग हैं जो पनाहगाह तलाश रहे हैं, वे हैं जो किसी अन्य प्रकार की निर्दयता, भूख या आर्थिक आकांक्षा के कारण प्रवासी बनते हैं और मौजूदा संकट में दोनों प्रकार की स्थितियां शामिल हैं.'' अकबर ने कहा कि भारत का संघर्ष, युद्ध, अत्याचार एवं गरीबी से बचकर शरण मांगने वाले लोगों का स्वागत करने का ‘‘लंबा इतिहास'' रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत इसलिए शरण नहीं देता क्योंकि उसके पास बैंक में बड़ी रकम है, बल्कि वह इसलिए ऐसा करता है क्योंकि उसका दिल बड़ा है.'' उन्होंने 1971 के उथल-पुथल वाले वर्ष का जिक्र किया जब बांग्लादेश स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा था और पड़ोसी देश के दस लाख से अधिक लोगों ने भारत में शरण ली थी ताकि वे अपने देश में हो रहे ‘‘नरसंहार'' से बच सकें.

अकबर ने कहा, ‘‘हमारे देश में शरण मांगने वाले लोगों को कभी वापस नहीं भेजा गया. इस बारे में हमारा रिकॉर्ड अनूठा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद स्थिरता की समकालीन संरचना है और ‘‘हम इसकी महत्ता समझते हैं.'' अकबर ने कहा, ‘‘शरणार्थी संकट में मानवीय आवश्यकता एवं राष्ट्रीय अनिवार्यताओं के बीच टकराव इसे जटिल मुद्दा बना देता है.'' उन्होंने 100 साल पहले बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने में महात्मा गांधी के ‘‘अति महत्वपूर्ण योगदान'' को याद किया.

अकबर ने कहा कि हाल में भारतीय प्रवासी जिनमें पेशेवर ,कुशल और अकुशल कामगार भी शामिल हैं, विश्वभर के देशों में जाकर बसे हैं और उन्होंने वहां के ‘‘समुदाय को सकारात्मक योगदान'' दिया है.

उन्होंने कहा कि भारत अगले साल से वैश्विक समझौता विकसित करने में सभी साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि सुरक्षित एवं व्यवस्थित प्रवास सुनिश्चित हो सके जो सभी लोगों के हित में होगा.

Delhi : सिरफिरे आशिक ने लड़की को सरेआम मारा 28 बार चाकू, मौत



नयी दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में महिला विरोधी अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुई है जहां एक युवक ने सरेआम सड़क पर एक लड़की को चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि यह एक क्रूर घटना है , पुलिस कमिश्नर से मामले में रिपोर्ट मांगी जाएगी. लड़की के जमीन पर गिरने के बाद भी युवक का मन नहीं भरा तो उसने नीचे बैठकर युवती पर फिर चाकू से कई वार कर डाले. घटना को देखकर लोग फौरन वहां एकत्रित हुए और युवक को पकड़ लिया. लोगों ने युवक की जमकर धुनाई कर दी. घायल युवती को आनन-फानन में आईएसबीटी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. हत्या की यह वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई. युवक को पिटाई के बाद लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया. इस संबंध में युवती के भाई ने बताया कि युवक मेरी बहन को काफी समय से परेशान करता आ रहा था. वह रोहिणी में रहता है और उसका नाम आदित्य मलिक है. इस संबंध में हमने शिकायत भी दर्ज कराई थी. बताया जा रहा है कि युवती की उम्र 21 साल की है और युवक ने उसपर 27-28 बार चाकू से वार किया

27 नयी स्‍मार्ट सिटी की थर्ड लिस्‍ट जारी, मोदी का वाराणसी भी शामिल


 
नयी दिल्‍ली : केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज स्‍मार्ट सिटी की तीसरी लिस्‍ट जारी कर दी है. आज जारी किये गये लिस्‍ट में देश के कुल 27 शहरों को शामिल किया गया है. इस लिस्‍ट में 12 राज्‍यों से 27 शहरों को चुना गया है. जिसमें महाराष्‍ट्र से पांच, तमिलनाडु और कर्नाटका से 4, उत्तर प्रदेश के (तीन), पंजाब,राजस्‍थान और मध्‍यप्रदेश के दो शहरों को शामिल किया गया है. इसी तरह से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गुजरात,नागालैंड और सिक्किम से एक-एक शहर को शामिल किया गया है.
मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया इस बार कुल 63 शहरों में से 27 शहरों को इस प्रोजेक्‍ट के लिए चुना गया. हालांकि इस बार के लिस्‍ट में बिहार और पश्चिम बंगाल के एक भी शहर को जगह नहीं दिया गया है. इससे पहले जारी की गयी दुसरी लिस्‍ट में झारखंड की राजधानी रांची और बिहार के भागलपुर को स्‍मार्ट सिटी के लिए चुना गया था.
आज जारी किये गये स्‍मार्ट सिटी की लिस्‍ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा यूपी से कानपुर और आगरा को भी शामिल किया गया है. ओडिशा से राउरकेला तो मध्‍यप्रदेश से उज्‍जैन को शामिल किया गया है.
पूरी लिस्‍ट यहां देखें.
 

उरी सेक्टर में सेना ने 10 आतंकियों को किया ढेर, घुसपैठ की साजिश नाकाम

 
उरी में आतंकी हमले को लेकर कल गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी. उसके बाद गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, सेनाध्यक्ष और वित्तमंत्री प्रधानमंत्री से मिले और उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी. बैठक के बाद सेना के डीजीएमओ ने मीडिया को बयान जारी करते हुए कहा कि हम उरी हमले का जवाब देंगे लेकिन वक्त और जगह खुद तय करेंगे. 
 
उरी हमले में पाकिस्तान के जैश -ए-मुहम्मद आतंकी संगठन का हाथ होने की आशंका है. आतंकियों के पास से पाकिस्तानी सामाग्री बरामद हुई है. हमले की जांच एनआइए कर रही है. सेना ने आतंकियों से प्राप्त जीपीएस, हथियार व नैविगेशन मैप एनआइए को सौंप दिया है.
उरी : उरी सेक्टर के लच्छीपुरा इलाके में सेना को आज बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दस आतंकियों को मार गिराया है. सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. मुठभेड़ में सेना के एक जवान के घायल होने की खबर है. ज्ञात हो कि दो दिन पहले इसी इलाके में पाकिस्तान से आये आतंकियों ने आर्मी कैंप पर हमला कर दिया था. इस हमले में 17 जवान शहीद हो गये थे. 

करीना ने किया खुलासा, ‘वीरे दी वेडिंग' नहीं निभा रही हैं गर्भवती महिला का किरदार



मुंबई: अभिनेत्री करीना कपूर खान ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें ऐसा कहा जा रहा था कि वह अपनी आने वाली फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग' में एक गर्भवती महिला का किरदार निभायेंगी. फिल्‍म में सोनम कपूर, स्वरा भास्कर और शिखा तलसानिया भी नजर आने वाली हैं.
करीना ने बताया, ‘नहीं (गर्भवती महिला का किरदार नहीं निभा रही). मेरा सिक्स पैक एब्स नहीं लेकिन थ्री पैक एब्स है.' 35 वर्षीया अभिनेत्री को ‘वीरे दी वेडिंग' का विचार पसंद आया और वह खुद को इस फिल्म में काम करने से नहीं रोक सकीं.
‘की एंड का' की अभिनेत्री ने बताया, ‘इसमें महिलाओं की नहीं, बल्कि चार लडकियों की कहानी है. ये चार बहनें नहीं हैं. यह चार सहेलियों की कहानी है. यह शादी को लेकर है. फिल्म में मेरी और मेरी सहेलियों की शादी की कहानी है.'
उन्होंने बताया, ‘यह एक वास्तविक कहानी है. इसमें दोस्तों के बीच भावनात्मक लगाव दिखाया गया है... ताजगी और नया. मैं नौ महीनों से ‘वीरे दी वेडिंग' के बारे में बात कर रही हूं क्योंकि वास्तव में मुझे यह पसंद आया था और इसे शुरु करने को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं.'
‘वीरे दी वेडिंग' फिल्म का निर्देशन शशांक घोष कर रहे हैं. करीना अगले महीने फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगी.

Tips on saving and investing to pursue your financial goals


Sometimes the hardest thing about saving money is just getting started. It can be difficult to figure out simple ways to save money and how to use your savings to pursue your financial goals. This step-by-step guide can help you develop a realistic savings plan.



1. Record your expenses

The first step in saving money is to know how much you’re spending. For one month, keep a record of everything you spend. That means every coffee, every newspaper and every snack you purchase for the entire month. Once you have your data, organize these numbers by category—for example, gas, groceries, mortgage and so on—and get the total amount for each.

2. Make a budget

Now that you have a good idea of what you spend in a month, you can build a budget to plan your spending, limit over-spending and make sure that you put money away in an emergency savings fund. Remember to include expenses that happen regularly, but not every month, like car maintenance check-ups. Find more information on creating a budget.

3. Plan on saving money

Taking into consideration your monthly expenses and earnings, create a savings category within your budget and try to make it at least 10-15 percent of your net income. If your expenses won't let you save that much, it might be time to cut back. Look for non-essentials that you can spend less on—for example, entertainment and dining out—before thinking about saving money on essentials such as your vehicle or home. Learn more money-saving tips from Bank of America.

4. Set savings goals

Setting savings goals makes it much easier to get started. Begin by deciding how long it will take to reach each goal. Some short-term goals (which can usually take 1-3 years) include:
  • Starting an emergency fund to cover 6 months to a year of living expenses (in case of job loss or other emergencies)
  • Saving money for a vacation
  • Saving to buy a new car
  • Saving to pay taxes (if they are not already deducted by your employer)
Try the Bank of America savings goal calculator to see how long it will take for you to reach your saving goal.
Long-term savings goals are often several years or even decades away and can include: