इससे पहले बड़कागांव के पूर्व विधायक सह पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पुलिस ने हजारीबाग के हुरहुरू स्थित आवास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. वह चीरूडीह-डाढीकला में पुलिस व विस्थापितों के बीच हुए हिंसक झड़प मामले (228-16) में नामजद आरोपी हैं. मंगलवार सुबह श्री साव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें मुफस्सिल थाना ले आयी और करीब नौ घंटे तक रखा. शाम को उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद जेल भेज दिया गया.
Wednesday, 5 October 2016
बड़कागांव गोलीकांड: विपक्ष ने निकाला राजभवन तक मार्च
इससे पहले बड़कागांव के पूर्व विधायक सह पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पुलिस ने हजारीबाग के हुरहुरू स्थित आवास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. वह चीरूडीह-डाढीकला में पुलिस व विस्थापितों के बीच हुए हिंसक झड़प मामले (228-16) में नामजद आरोपी हैं. मंगलवार सुबह श्री साव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें मुफस्सिल थाना ले आयी और करीब नौ घंटे तक रखा. शाम को उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद जेल भेज दिया गया.
Tuesday, 4 October 2016
हमर बेटवा के का कसूर हलय गे मईया ..
हजारीबाग : चिरुडीह गोलीकांड में सोनवर्षा के दो, चेपाखुर्द व ¨सदूआरी के एक की जान गई। पूरा गांव घटना के तीसरे दिन भी चीत्कार, कंद्रन से गूंज रहा है। मोहल्लों व टोला में मातमी सन्नाटा पसरा है। घर पर परिजनों को सांत्वना देने के लिए तांता लगा है। मां, पत्नी व वृद्धों के आंखों से आंसू नहीं सूख रहे है। छोटे बच्चे कभी मां और कभी दादा-दादी के चेहरे देखकर आश्चर्यचकित है। तो कोई अपनी देहरी पर बैठकर नेता, राजनीति पुलिस और एनटीपीसी के साथ त्रिवेणी को कोस रहा है। ये हाल उन गांवों की है जहां के चार बेटों ने अपनी जान भीड़ का हिस्सा बनने में चली गई। ¨सदुआरी का 16 वर्षीय रंजन पिता स्व कारीनाथ राम ग्यारहवीं का छात्र था। वह इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज बड़कागांव में पढ़ता था। उसे गर्दन में गोली लगी, जिसे कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह टूयूशन पढ़कर लौट रहा था, जब तक कुछ समझ पाता वह अपनी साइकिल के साथ गोली लगने से गिर पड़ा और उसकी जान चली गई। पांच साल पहले अपना पति को खो चुकी विधवा मां अपने बेटे की याद में बार-बार बेहोश हो जा रही है। मजदूरी कर अपने दो बेटों को शिक्षा देनेवाली मां होश आने पर एक ही रट लगा रही है कि हमर बेटवा का कसूर हलव गे मईया.. उकरा काहें मार देलथिन गे..
कुछ इसी तरह का हाल सोनवर्षा के अभिषेक कुमार राय के घर में है, जहां 18 वर्षीय पोते के खोने में गम में समाज मे अलग पहचान रखने वाले दादा शिव कुमार राय संभाले नहीं संभल रहे है। पिता पवन कुमार राय व अन्य परिजनों के आंसू भी रोके नहीं रुक रही है। बीए पार्ट वन का छात्र अभिषेक सोनवर्षा नदी में शौच के लिए गया था, बगल के गांव में भीड़ देखकर वह चला गया। दो भाइयों में वह सबसे छोटा था।
वहीं शनिवार को हमेशा की तरह 42 वर्षीय मो. मेहताब पिता मो . मोजीब भी अपने खेतों की ओर निकले थे। भीड़ और वाहनों का काफिला देखकर वह भी उसी ओर लपक पड़े। भीड़ का हिस्सा बनना उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। मेहताब की पत्नी बार बार वह बेहोश हो जा रही हैं। उनके तीन बच्चों में बड़ी बेटी
आठ वर्षीय सुहानी तो कुछ समझ रही है, लेकिन छोटे भाई शहबाज, सरफराज कभी अपनी मां और कभी अपने दादा का चेहरा देख रहा है। पूरा परिवार सदमे में है।
गांव छोड़ भागे पुरुष, पसरा सन्नाटा
कश्मीर में उपद्रवियों से ज्यादा घायल हुए जवान : डीजी
सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल के. दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर हाय-तौबा मची है लेकिन वहां उपद्रवियों से दस गुना ज्यादा सेना और पुलिस के जवान घायल हुए हैं।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल के. दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर हाय-तौबा मची है लेकिन वहां उपद्रवियों से दस गुना ज्यादा सेना और पुलिस के जवान घायल हुए हैं। मंगलवार को शहर पहुंचे के. दुर्गा प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि पिछले दिनों घाटी में उपद्रवियों के पथराव से सीआरपीएफ के 3000 जवान घायल हुए थे, जिनमें करीब 125 अति गंभीर हैं। बीएसएफ, राष्ट्रीय राइफल्स समेत अन्य टुकडिय़ों को मिलाकर करीब 10,000 जवान घायल हुए हैं। कश्मीर में फिलहाल पावा गैस शेल, स्टन गन व प्लास्टिक पिलेट का प्रयोग किया जा रहा है। यदि इससे भी उपद्रवियों पर काबू नहीं पाया जा सका, तब फिर पिलेट गन का इस्तेमाल होगा।
रांची में प्रतिनियुक्त होगी कश्मीर में प्रशिक्षित महिला बटालियन
उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ की एक महिला बटालियन कंपनी को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसे 10 दिनों के अंदर रांची में प्रतिनियुक्त कर दिया जाएगा। यह कंपनी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में विशेष रूप से काम करेगी। प्रसाद सुंदरनगर में रैफ-106 बटालियन के जवानों के लिए बन रहे आवास की आधारशिला रखने आए थे।
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ जवान झारखंड में नक्सलियों के साथ-साथ देशविरोधी ताकतों का भी डटकर मुकाबला करेंगे। हाल के वर्षों में झारखंड, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र में माओवादियों का काफी हद तक प्रभाव कम हुआ है। बिहार, छत्तीसगढ़ समेत नौ राज्यों में एक साथ उग्रवाद विरोधी अभियान चलाया गया है।
उन्होंने कहा कि एंटी नक्सल अभियान उन इलाकों में विशेष रूप से चलाया जा रहा है जहां उनकी सक्रियता अधिक रहती है। सामान्यत: मानसून के समय में उग्रवादियों के खिलाफ पुलिसिया ऑपरेशन की गति धीमी हो जाती है लेकिन इस साल हमने बीते कुछ महीनों में 11 ऑपरेशन चलाए। कई उग्रवादी शिविरों को ध्वस्त कर दिया। कुछ माओवादी मारे गए तो कुछ गिरफ्तार किए गए।
Sunday, 2 October 2016
बड़कागांव में आंदोलनकारियों पर पुलिस फायरिंग में तीन मरे, CM दास ने दिया जांच का आदेश
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के
बड़कागांव के चिरूडीह में एनटीपीसी के विरोध में चल रहे कफन सत्याग्रह के
दौरान पुलिस बल व आंदोलन कर रहे लोगों के बीच हुई झड़प के बाद स्थिति को
नियंत्रित करने के लिए की गयी पुलिस कार्रवाई में कम से कम तीन लोगों की
मौत हो गयी है, जबकि एक व्यक्ति अति गंभीर रूप से घायल है. घायलों की कुल
संख्या आठ बतायी जाती है. इस घटना में सात पुलिस वाले भी घायल हुए हैं.
दोनों पक्षों में झड़प आज तड़के आंदोलन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस विधायक
निर्मला देवी को पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुई. विधायक
समर्थकों ने उन्हें पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया और भीड़ पथराव करने लगी.
जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने गोलीबारी की. गोलीबारी
में मारे गये लोगों का नाम मोहम्मद मेहताब, अभिषेक कुमार राय व रंजन
कुमार राय है. गंभीर रूप से घायल राजेश को अन्य घायलों के साथ रांची रेफर
किया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. अमेरिका के दौरे पर गये
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जतायी है और
जांच का आदेश दिया है. घटनास्थल पर तनाव तब बढ़ा जब विधायक निर्मला देवी को पुलिस बल ने अपने कब्जे में ले लिया, जिनके नेतृत्व में पिछले 15 दिन से आंदोलन चल रहा था. उनके व 150 अन्य लोगों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज की गयी थी. ग्रामीण सीओ के नेतृत्व में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया.प्राप्त जानकारी के अनुसार आंदोलन को उग्र होता देख पुलिस ने अंतत: फायरिंग की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि आठ लोग घायल हो गये. आंदोलनकारियों ने सीओ की गाड़ी को आग लगी थी. हिंसा में एएसपी व सीओ भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.झारखंड पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत बयान जारी किया है
Wednesday, 28 September 2016
पाक ने किया सीजफायर का उल्लंघन, भारतीय जवानों ने दिया जवाब, दो पाकिस्तानी जवान ढेर
जम्मू : उरी
आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तान ने फिर से
सीजफायर तोड़ा है. लाइन ऑफ कंट्रोल के पास मेंढर इलाके में गुरुवार सुबह
पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई है जिसका भारतीय सेना की ओर से मुंहतोड़
जवाब दिया गया.इससे पहले बुधवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर भारतीय ठिकानों को निशाना बनाकर गोलीबारी की. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ.
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सैनिकों ने बुधवार शाम पुंछ जिले के साब्जियान इलाके में छोटे हथियारों से गोलीबारी की.'
आपको बता दें कि उरी आतंकी हमले के दो दिन बाद 20 सितम्बर को पाकिस्तानी सैनिकों ने कश्मीर के इसी सेक्टर में सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. बीते छह सितम्बर को पाकिस्तानी सेना ने पुंछ में भारतीय ठिकानों पर 120 एमएम मोर्टार से गोलाबारी की थी.
इस गांव में लड़कियां करती हैं लड़कियों से ही शादी, पुरुषों को रखती हैं खुद से दूर
जयपुर।शहर में एक ऐसी लेस्बियन की स्टोरी सामने आई है जिसने
अपनी पार्टनर से शादी रचाने तक का दावा किया है। उसका कहना है कि वे दोनों
पिछले 3 सालों से एक दूसरे के साथ रिलेशन में थीं। ऐसे में krlsnews.blogspot.com आपको तंजानिया के एक ऐसे गांव से रूबरू करा रहा है जहां
लड़कियां लड़कों के साथ शादी नहीं करती हैं। क्या है इसके पीछे वजह…- आपको ऐसा लगता होगा कि ये महिलाएं होमो सेक्सुअल हैं पर ऐसा नहीं है।
- इसके पीछे एक पुरानी परंपरा है जो पुरुषों को समाज में दोयम दर्जे में रखती है।
- ये तंजानिया का एक गांव है जहां की जनजाति को पुरुष प्रधान मानसिकता से चिढ़ है।
- इस गांव में महिलाओं की तूती बोलती है। यहां महिलाओं के मामले में पुरुष का हस्तक्षेप न हो।
- इसलिए लड़कियों की शादी लड़कियों के साथ ही की जाति है।
- इससे प्रॉपर्टी से लेकर और किसी भी मामले में मर्द अपना हक नहीं जमा सकें।
- यहां मई किसी महिला ओ बिना उसकी मर्जी के छू भी नहीं सकते हैं।
- महिलाएं ही तय करती हैं कि समाज कैसे चलेगा और घर की मुखिया महिला ही होती हैं।
- शादी के पीछे लेस्बियन होना वजह नहीं है। केवल पुरुषों को खुद के इशारे पर नचाने के लिए महिलाएं ऐसा करती हैं।
- पुरुषों को न तो प्रॉपर्टी में हक मिलता है और न ही वो किसी निर्णय में।
- यहां कोई मर्द जबरदस्ती करता है तो उसे बाकायदा सजा दी जाती है।
- महिला (पति) बाकायदा घर से बाहर जाकर काम करती है बल्कि महिला (पत्नी) घर के काम संभालती है।
- यदि महिला (पत्नी) को बच्चे पैदा करने की जरूरत हो तो वो खुद से किसी व्यक्ति का चुनाव कर सकती है या उसकी महिला (पति) किसी पुरुष का चुनाव करती है।
- इसके बाद होने वाले बच्चे को पिता का नाम महिला (पति) ही देती है।
बच्चों ने दिखायी सूर्य की किरणों से बिजली पैदा करने की तकनीक
Monday, 26 September 2016
नई नवेली पत्नी का था किसी और से अफेयर, पति ने सुसाइड नोट में लिखी स्टोरी

पटना (बिहार).बिहार के पटना में नई नवेली पत्नी के अफेयर से दुखी एक स्टूडेंट ने पंखे से लटककर सुसाइड कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी असफल लव स्टोरी का जिक्र किया है। बताया जा रहा है कि स्टूडेंट ने घरवालों को बिना बताए शादी कर ली थी। लेकिन बाद में लड़की का किसी और से अफेयर हो गया। जानिए क्या लिखा सुसाइड नोट में...
भाई ने फोन नहीं उठाया तो किया मैसेज
- परिस्थितिजन्य साक्ष्य घटना को संदिग्ध बता रहे हैं। कुलदीप ने गमछे से फंदा लगाया था।
मालेगांव विस्फोट मामला : आरोपी कर्नल पुरोहित को बेल देने से कोर्ट का इंकार
मुंबई. विशेष अदालत ने मालेगांव बम धमाके के आरोपी कर्नल
प्रसाद पुरोहित की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। जज ने कहा कि प्रथम
दृष्टया पुरोहित के खिलाफ मामला नजर आता है। लिहाजा उनकी अर्जी खारिज की
जाती है। अर्जी में पुरोेहित का कहना था कि उनके खिलाफ जांच एजेंसी के पास
कोई सबूत नहीं है।Ex-MLA के बेटे ने 50 से अधिक बार किया था रेप, एक माफी में हो गया समझौता!
अहमदाबाद। शादी का लालच देकर Ex-MLA के बेटे विजय राठौड़ ने
ऊना की युवती को अपने प्रेम जाल में फांसकर उससे 50 से अधिक बार फिजिकल
रिलेशन बनाए। इसमें से 14 बार तो उसने रेप किया। कई बार युवती को शराब
पिलाकर भी सेक्स किया। लेकिन, जब विजय शादी के लिए राजी नहीं हुआ तो उसके
खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद कल नाटकीय रूप विजय महिला क्राइम
ब्रांच पहुंचा, जहां उसने युवती से माफी मांगी। Ex-MLAऔर बेटे दोनों ने मांगी माफी…मुहर्रम को लेकर बैठक
पाकिस्तानी बच्ची ने चलाई AK 47, मोदी को भी ललकारा, VIDEO वायरल
- व्यक्ति बच्ची को पहले भारत और पीएम मोदी को ललकारने कहता है।
- इसके बाद मासूम बच्ची से ही AK 47 लोड करवाकर फायर करने कहता है।
- इस वीडियो को अब तक 65 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
ये है विश्व की सबसे बड़ी तोप, एक बार चली तो गोले से बन गया तालाब
100 किलो गन पाउडर से चलती थी तोप
- 35 किलोमीटर तक मार करने वाले इस तोप को एक बार फायर करने के लिए 100 किलो गन पाउडर की जरूरत होती थी।
यह है इस किले की रोचक कहानी
- किले की रक्षा में तैनात ताकतवर और भारी तोपों का तभी इस्तेमाल होता था, जब कोई दुश्मन हमला करे। दूसरे राज्य पर हमला करने के लिए इन भारी-भरकम तोपों को युद्ध भूमि तक ले जाना काफी कठिन था।
- शुरुआत में तोपों का इस्तेमाल पत्थरों को फेंकने के लिए किया जाता था। ये तोपें पहले तांबे और कांसे की बनीं फिर लोहे की बनने लगीं।
- जयगढ़ किला जयपुर का सबसे ऊंचा दुर्ग है। यह नाहरगढ़ की सबसे ऊंची पहाड़ी चील टिब्बा पर स्थित है।
- हाल ही में आमेर महल के कुछ भागों का नवीनीकरण किया गया। इसमें सबसे खास था आमेर महल से जयगढ़ जाने वाली सुरंग का तलाश कर फिर से उपयोग करने योग्य बनाना।
इस्लाम धर्म : हजरत मुहम्मद साहब
भावार्थ : अल्लाह सिर्फ एक हैं, उसके सिवाय कोई माबूद नहीं। हजरत मोहम्मद सल्ल. उसके सच्चे पैगंबर हैं।

इस्लाम के आने से पहले अरब में कबिलाई संस्कृति का जाहिलाना दौर था। हर कबीले का अपना अलग धर्म था और उनके देवी-देवता भी अलग ही थे। कोई मूर्ति पूजक था तो कोई आग को पूजता था। यहुदियों और ईसाईयों के भी कबीले थे, लेकिन वे भी मजहब के बिगाड़ का शिकार थे। ईश्वर (अल्लाह) को छोड़कर लोग व्यक्ति और प्रकृति पूजा में लगे थे।
इस सबके अलावा भी पूरे अरब में हिंसा का बोलबाला था। औरतें और बच्चे महफूज नहीं थे। लोगों की जान-माल की सुरक्षा की कोई ग्यारंटी नहीं थी। सभी ओर बदइंतजामी थी। इस अंधेरे दौर से दुनिया को बाहर निकालने के लिए अल्लाह ने इस्लाम को लोगों तक पहुँचाने के लिए हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. को पैगंबर बनाकर दुनिया में भेजा।
जन्म : कुछ विद्वानों के मुताबिक इस्लाम के संस्थापक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. का जन्मदिन हिजरी रबीउल अव्वल महीने की 2 तारीख को मनाया जाता है। 571 ईसवी को शहर मक्का में पैगंबर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था। मक्का सऊदी अरब में स्थित है।
आप सल्ल. के वालिद साहब (पिता) का नाम अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ल मुतलिब था और वालिदा (माता) का नाम आमना था। सल्ल. के पिता का इंतकाल उनके जन्म के दो माह बाद ही हो गया था। ऐसे में उनका लालन-पालन उनके चाचा अबू तालिब ने किया। आपके चाचा अबू तालिब ने आपका खयाल उनकी जान से भी ज्यादा रखा।
अल्लाह ने फरमाया, ये सब संसार सूर्य, चाँद, सितारे मैंने पैदा किए हैं। मुझे हमेशा याद करो। मैं केवल एक हूँ। मेरा कोई मानी-सानी नहीं। लोगों को समझाओ। हजरत मोहम्मद साहब ने ऐसा करने का अल्लाह को वचन दिया, तभी से उन्हें नुबुवत प्राप्त हुई।
कुरआन : हजरत मोहम्मद साहब पर जो अल्लाह की पवित्र किताब उतारी गई है, वह है- कुरआन। अल्लाह ने फरिश्तों के सरदार जिब्राइल अलै. के मार्फत पवित्र संदेश (वही) सुनाया। उस संदेश को ही कुरआन में संग्रहित किया गया हैं। कुरआन को नाजिल हुए लगभग 14 सौ साल हो गए लेकिन इस संदेश में जरा भी रद्दोबदल नहीं है।
सबसे पहले ईमान : नबूवत मिलने के बाद आप सल्ल. ने लोगों को ईमान की दावत दी। मर्दों में सबसे पहले ईमान लाने वाले सहाबी हजरत अबूबक्र सिद्दीक रजि. रहे। बच्चों में हजरत अली रजि. सबसे पहले ईमान लाए और औरतों में हजरत खदीजा रजि. ईमान लाईं।
वफात : 632 ईस्वीं, 28 सफर हिजरी सन 11 को 63 वर्ष की उम्र में हजरत मुहम्मद सल्ल. ने मदीना में दुनिया से पर्दा कर लिया। उनकी वफात के बाद तक लगभग पूरा अरब इस्लाम के सूत्र में बँध चुका था और आज पूरी दुनिया में उनके बताए तरीके पर जिंदगी गुजारने वाले लोग हैं।
'वो 4 साल बेहद दिलचस्प थे', धोनी ने अपने टीचर्स को सुनाए LIFE के खास किस्से
धोनी ने कहा, मैं 7th तक फुटबॉल खेलता था। पीटी सर ने कहा, तुम फुटबॉल छोड़कर विकेट कीपिंग करो।
- प्रमोशन के दौरान धोनी ने कहा कि खड़गपुर रेलवे में काम करने के दौरान की मेरी लाइफ को इस फिल्म दिखाया गया है। ये फिल्म का सबसे खास हिस्सा है।
- उन्होंने कहा रांची के लोगों को मेरी जिदंगी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी है। लेकिन खड़गपुर में मेरा सफर कैसा रहा, यह बेहद दिलचस्प है।
- इस दौरान धोनी ने एक और किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा ''जब मैं 12th में था उस समय एक तरफ खेल दूसरी तरफ 12th का एक्जाम भी था।''
- ''पापा से मैंने जब पूछा कि क्या करें तो उन्होंने बहुत ही अच्छे से समझाया कि अगर तुम साल भर पढ़ाई में मेहनत किए होगे तो कोई परेशानी नहीं आएगी। क्योंकि तुम एक दो दिन की पढ़ाई में कुछ नहीं कर सकते।''
- ''मैंने एग्जाम भी दिया आैर अच्छे नंबर से पास किया। फिल्म में मैं जहां-जहां रांची में खेला उसे दिखाया गया है।''
Sunday, 25 September 2016
गुजरात: गाय की खाल उतारने से इनकार करने पर गर्भवती महिला की पिटाई
अहमदाबाद/नयी दिल्ली :
गुजरात के बनासकांठा जिले के करजा गांव में एक गर्भवती दलित महिला सहित
उसके परिजन की पिटाई का मामला गरमाता जा रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार
महिला की पिटाई इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने मरी हुई गाय की खाल उतारने से
इनकार कर दिया. पुलिस ने इस संबंध में जानकारी दी कि मामले को लेकर आईपीसी
और एससी-एसटी (उत्पीड़न रोकथाम) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत 6 लोगों
को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने गुजरात के बनासकांठा जिले में मरी हुई गाय की खाल उतारने से इनकार करने पर एक गर्भवती दलित महिला की कथित तौर पर पिटाई की घटना पर चिंता जताते हुए आज कहा कि राज्य प्रशासन दोषियों पर कडी कार्रवाई करे.
आयोग के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने एक बयान में कहा, ‘‘उना की घटना के बाद एक बार फिर ऐसी घटना हुई. मरी गाय की खाल नहीं उतारने पर गभर्वती महिला की निर्मम पिटाई बहुत शर्मनाक है. यह इस बात को दिखाता है कि राज्य प्रशासन दलितों की रक्षा करने में विफल रहा है. इस घटना के दोषियों पर प्रशासन को कडी कार्रवाई करनी चाहिए।' पूनिया ने कहा, ‘‘हम जल्द ही राज्य और जिला प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगेंगे.' मीडिया में आई खबरों के अनुसार बनांसकांठा जिले में 25 साल की दलित महिला संगीता रणवासिया और उसके पति नीलेश रणवासिया की कुछ लोगों ने पिटाई की क्योंकि उन्होंने मरी हुई गाय की खाल उतारने से इंकार कर दिया था। संगीता पांच महीने के गर्भ से है.
हाल ही में गुजरात के उना में मरी हुई गाय की खाल उतारने को लेकर कुछ दलितों की निर्मम पिटाई के मामले पर पूरे देश में प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. इसको लेकर गुजरात के दलित समुदाय ने बडे पैमाने पर आंदोलन भी किया था. पूनिया ने कहा कि आयोग ने मध्य प्रदेश के खंडवा में एक दलित महिला की शवयात्रा रोके जाने के मामले में भी राज्य और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है.
शीर्ष नक्सली अपने बच्चे को आइआइटी में पढ़ाते हैं, गरीब के बच्चों को थमा देते हैं बंदूक
Saturday, 24 September 2016
शुद्ध देशी औरतों की अनकही कहानी है Parched
डायरेक्टरः लीना यादव
कलाकारः राधिका आप्टे, सुरवीन चावला, तनिष्ठा चटर्जी और आदिल हुसैन
बॉलीवुड शायद एक बात भूल चुका है, गांव अभी जिंदा हैं. वहां भी लोग रहते हैं. वहां भी औरते हैं. उनकी भी जिदंगी है और आइटी रेवोल्यूशन के दौर में भी उनकी समस्याएं कुछ वैसी ही हैं जैसी कुछ दशक पहले थीं. गांव में मोबाइल आ गया है, डिश की इच्छा घर कर गई है. लेकिन औरतों के लिए कुछ नहीं बदला है. वही समाज है. वही पुरुषवादी नजरिया है. लीना यादव की 'पार्च्ड' हमें उसी दुनिया में लेकर जाती है जिसे आधुनिक सिनेमा ने दिखाना बंद कर दिया है. जहां औरतें अपने ढंग से प्रतिकार करती हैं, मस्ती करती हैं और उनमें अपने ढंग से जीवन जीने की हसरत कूट-कूटकर भरी हुई है.

ये कहानी रानी (तनिष्ठा), लज्जो (राधिका) और बिजली (सुरवीन) की है. रानी विधवा है, और उसे अपने जवाब बेटे की शादी करनी है. रानी विधवा है और उसका एक बेटा है. जिसकी शादी वह ऐसी लड़की से कर देती है जो उसकी कसौटी पर खूबसूरत नहीं है. लज्जो का पति उसे बांझ मानता है और उसे लगता है कि सिर्फ कमी औरत में ही हो सकती है. उधर, बिजली एक नाचने वाली है और जिस्मफरोशी से जीवन चलाती है. उसके नखरों और ढलती उम्र की वजह से उसका मालिक उसका रिप्लेसमेंट ले आता है. फिल्म में इन्हीं तीन औरतों की कहानी है. इसमें मोबाइल प्रेमी भी है तो औरतों के जीवन को ढर्रे पर लाने का प्रयास करता एक शख्स भी.
कहानी में हर वह पहलू है जो एक अच्छे सिनेमा में होना चाहिए. खास यह कि तीनों औरतें परिस्थितियों की शिकार हैं लेकिन जब तीनों साथ होती हैं तो वह मस्ती का कोई पल हाथ से गुजरने नहीं देतीं. यही नहीं, वह बाप-बेटे की गाली भी ईजाद कर लेती हैं. इस तरह की बातें इस फिल्म की खूबरसूरती भी है.
एक्टिंग की बात करें तो तीनों ने ही कमाल का समां बांधा है. तीनों के किरदारों की खासियत देसीपन है. खालिस देसी औरतें. लेकिन उनकी सोच आधुनिक है. सुरवीन ने जिस तरह जिंदादिल बिजली का रोल निभाया है वह लंबे समय तक याद रहने वाला है. उन्होंने दिखाया है कि अगर रोल मजबूती से लिखा जाए तो कोई कलाकार बड़ा या छोटा नहीं होता. तनिष्ठा चटर्जी को तो जैसे जानदार रोल करने की आदत ही पड़ चुकी है. राधिका आप्टे भी कमाल की हैं, और उनके देहाती डायलॉग डिलीवरी तो वाकई कमाल है. लेकिन सब पर सुरवीन भारी पड़ी हैं.
फिल्म कहीं भी लेक्चर देती नहीं लगती है और प्योर मनोरंजक फिल्म की तरह दौड़ती है. औरतों का आपस का हंसी-ठट्ठा फिल्म के कनेक्शन को और मजबूत करता है. जब हिंदी सिनेमा मजबूत कहानियों के मामले में सूखा झेल रहा है, उस दौर में पार्च्ड उम्मीद की बूंद की तरह है.
थाना प्रभारी वकार हुसैन और मुखिया पर दर्ज हो प्राथमिकी

दोस्त का अपहरण, छह गिरफ्तार
पुलिस ने किया दो को गिरफ्तार
पुलिस ने किया दो को गिरफ्तार
महिला बनकर 'गंदी बात' करता था, हकीकत जानकर पुलिस के उड़ गए होश
Thursday, 22 September 2016
हैरान कर देंगी ये सच्चाई... स्कूल से महरूम हैं 8.4 करोड़ भारतीय बच्चे
Wednesday, 21 September 2016
सड़क से हटा अतिक्रमण
भूखे अजगर ने जब निगला नीलगाय तो....
दरअसल, नीलगाय का आकार इतान बड़ा था कि नीलगाय को निगलते ही अजगर का पेट फूल गया. ऐसा प्रतित हो रहा था कि मानों किसी ने इस अजगर के पेट में ठूंसकर कुछ भर दिया हो. अजगर की हालत ऐसी हो गई कि वो चल पाने में असमर्थ हो गया.
आनन-फानन में इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई जिसके बाद गीर सैंक्चुरी के अफसर इस अजगर को अपने साथ ले गए और एक पिंजरे में रख दिया. वन विभाग के अफसरों ने इस संबंध में बताया कि जब यह शिकार अजगर के पेट में पच जाएगा तो वह खुद-ब-खुद नार्मल हो जाएगा.
फिलहाल अजगर गिरनार वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी में देख-रेख में है.
Tuesday, 20 September 2016
शरीर में छुपाकर ले जा रहा था पूरे 400 आईफोन
डेली मेल की खबर के मुताबिक स्मगलर्स यह फोन्स चीन के शहर शेनझेन से हॉन्ग कॉन्ग ले जाना चाह रहे थे। चुराए गए फोन्स को स्मगलर्स ने कपड़ों, ट्राउजर्स के साथ ही अपने शरीर के सहारे बांध रखा था।
अथॉरिटीज का कहना है कि इन लोगों से उन्होंने 400 आईफोन्स 7 बरामद किए हैं। इनकी कीमत 3 मिलियन युआन (344,787 पाउंड) आंकी गई है। यह घटना 16 सितंबर 2016 की है।
खबरों के मुताबिक एक व्यक्ति को एक ही फोन ले जाने की अनुमति दी गई थी। इससे अधिक हैंडसेट्स को ले जाने का मामला स्मगलिंग माना गया है।
कस्टम डिपार्टमेंट की ओर से स्मगलिंग में पकड़ाए गए सामान की नीलामी की योजना बनाई जा रही है। हॉन्ग कॉन्ग की में आईफोन 7 की कीमत 552 पाउंड है जबकि चीन में आईफोन 7 की कीमत 619 पाउंड है।
इस तरह छुपा रखे थे आईफोन 7।
पेंट पर भी बांध रखे थे आईफोन।
मोजे में भी फंसा लिए थे आईफोन।
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जी का जंजाल बना रोज का जाम
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यहां जरूर दिखते हैं पुलिस जवान
यातायात व्यवस्था को संभालने वाली यातायात पुलिस गुरुगो¨वद ¨सह रोड में दिन में दिखे या नहीं पर हर सुबह सब्जी मंडी के पास जरूर दिखाई दे जाती है। ये लोग व्यवस्था बनाने नहीं बल्कि वाहनों से वसूली के लिए आते हैं। इसी तरह का नजारा झंडा चौक, गोला रोड, पैगोडा चौक, मालवीय मार्ग व बंशीलाल चौक का होता है। जहां हर दिन यातायात के जवान अपनी व्यवस्था में लगे रहते हैं।
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पुराना बस स्टैंड के समीप बेहतर हुई है स्थिति
यातायात के जवानों का बेहतर काम पुराना बस स्टैंड चौक पर दिखाई देता है। जहां जवान मुस्तैदी से कार्य करते दिखाई देते हैं। इसके अलावा डीवीसी चौक पर स्थिति कुछ बेहतर रहती है। इसके बाद ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां व्यवस्था माकूल हो।
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जाम से लाल-पीले हुए यातायात डीएसपी, लगाई फटकार
मंगलवार के जाम से डीएसपी यातायात सहदेव साव भी लाल-पीले हो गए। इस बाबत यातायात इंस्पेक्टर सहित कई पदाधिकारियों को बुलाकर जमकर झाड़ लगाई । पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए यातायात व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया।
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जाम को लेकर उपाय
डीएसपी ने यातायात पदाधिकारियों के साथ बैठकर यातायात नियंत्रित को लेकर कई उपाय किए हैं। बुधवार से यातायात को लेकर शहर में बदला बदला सा नजारा दिखाई देगा। बैठक में शहर में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों मे वनवे करने का विचार किया गया है। वहीं मालवाहक व तीनपहिया वाहनों को भी नियंत्रित करते हुए शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यातायात से संबंधित सुझाव भी मांगे गए हैं।
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पूर्व प्रभारी रमाशंकर मिश्रा ने बदली थी परिभाषा
हजारीबाग में यातायात की परिभाषा पूर्व प्रभारी रमाशंकर मिश्रा ने बदली थी। अपने आठ माह के कार्यकाल में उन्होंने शहर में लोगों को यातायात का मतलब समझाते हुए जिला परिषद चौक को सीसीटीवी कैमरा से लैस किया था। इसके अलावा सिग्नल व टाइमर भी चौक पर लगाए गए थे। हजारीबाग के लिए यह पहला मौका था जब लोग बत्ती व टाइमर के नियम का पालन करने लगे थे। इतना ही नहीं उनके कार्यकाल में ¨सदूर से लेकर कोनार पुल तक गति नियंत्रित करने के कारण आठ माह में एक भी सड़क दुर्घटना नहीं हुई थी। स्कूलों के सामने भी तथा जागरूकता के लिए भी विशेष अभियान चलाया था।
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गायब हो गए सीसीटीवी कैमरे, टाइमर व बत्ती
जिला परिषद चौक पर नियम तोड़ने वाले वाहन तथा अवैध वसूली रोकने को लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, लाईट, सिग्नल व टाइमर के साथ नशा तथा स्पीड जांच करने के लिए मंगाई गई मशीन स्पीडोमीटर गायब हो गई है। कुछ मशीनें व कंप्यूटर यातायात विभाग के गोदाम की शोभा बढ़ा रही हैं।















