Wednesday, 28 September 2016

बच्चों ने दिखायी सूर्य की किरणों से बिजली पैदा करने की तकनीक


 
हजारीबाग : जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन बुधवार को सिंदूर स्थित संत राबर्ट स्कूल परिसर में किया गया. प्रदर्शनी में हजारीबाग व कोडरमा के दो स्कूलों के 324 प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत किये. इससे पहले अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की.
 
स्वागत भाषण जिला शिक्षा पदाधिकारी सरिता दादेल ने दिया, जबकि स्वागत गीत इंदिरागांधी स्कूल की बच्चियों ने गाये. अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया. प्रतियोगिता में कक्षा छह से दसवीं वर्ग के बच्चे शामिल हुए. 
 
 मौके पर डीडीसी राजेश कुमार पाठक ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विज्ञान के प्रतिभागी जिला एवं राज्य का नाम रौशन करेंगे. आरडीडीइ रतन कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी से बच्चों में ऊर्जा का संचार बढ़ता है. बच्चों में शोध के प्रति रूचि जगती है. यही बच्चे आगे चलकर वैज्ञानिक बनेंगे और देश का नाम रौशन करेंगे. कार्यक्रम दो सत्र का हुआ. पहले सत्र में विज्ञान प्रदर्शनी लगायी गयी. दूसरे सत्र में दस सदस्सीय निर्णायक मंडली ने  24 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए किया. 
 
कार्यक्रम में डीएसइ इंद्रभूषण सिंह, डीप्टी डीएसइ संध्या  रानी मिंज स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं समेत बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हुए. कार्यक्रम को सफल बनाने में आएमएसए व शिक्षा विभाग के  कर्मियों ने सहयोग किया.
 
विज्ञान को समझाने का प्रयास: बच्चों ने सूर्य की किरण से बिजली पैदा करने के तरीकों को मॉडल के रूप में समझाने की कोशिश की. वहीं  बिना बिजली के फ्रीज, पवन ऊर्जा से चापानल का उपयोग, पवन चक्की से बिजली पैदा करने, वाहन के परिचालन में प्रदूषण से बचाव के उपाय, वर्षा के पानी को संग्रह करने, सोलर से चलनेवाली कार, मिट्टी संरक्षण एवं पानी से बिजली पैदा करने सहित तरह-तरह के मॉडल प्रस्तुत किये गये.
इन बच्चों का किया गया चयन
 
राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए 24 बच्चों का चयन किया गया है. इनमें अमर कुमार विश्वकर्मा-अन्नदा हाई स्कूल, दिनेश कुमार- मवि बडकागांव, शाहिल कुमार शर्मा-अपग्रेड मवि डुमर, विंकेस कुमार-गर्ल्स मिडिल स्कूल बडकागांव, सूर्यवंशम कुमार वर्मा-एसएस हाई स्कूल बड़कागांव, प्रिया कुमारी- उत्क्रमित मवि खरांटी, प्रिया कुमारी-उत्क्रमित हाई स्कूल गोसाई बलिया, काजल कुमारी-केजीबीवी केरेडारी, संदीप कुमार-हाई स्कूल विष्णुगढ़, सुमन कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल विष्णुगढ़, सुमन कुमार वर्णवाल- मिडिल स्कूल जमसोती, मनीषा कुमारी-केजीबीवी विष्णुगढ़, सुधांशु कुमार-मसीह मार्शल हाई स्कूल, ममता कुमारी-उत्क्रमित हाई स्कूल आंगो, आरती कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल चरही, प्रियंका कुमारी-किसान मजदूर हाई स्कूल बलसगरा, निकेश कुमार-महेशरा हाई स्कूल, आरमिन निशा-हाई स्कूल सिझुआ, निकासी कुमारी-प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल इचाक, राहुल कुमार केएन हाई स्कूल इचाक, जासमीन परवीन-उत्क्रमित मवि घुघलिया, राजा कुमार-उत्क्रमित मवि छड़वा, सुरेंद्र कुमार-उत्क्रमित हाई स्कूल झरपो, करन कुमार मेहता- उत्क्रमित हाई स्कूल सुलमी शामिल हैं.

Monday, 26 September 2016

नई नवेली पत्नी का था किसी और से अफेयर, पति ने सुसाइड नोट में लिखी स्टोरी

 
पटना  (बिहार).बिहार के पटना में नई नवेली पत्नी के अफेयर से दुखी एक स्टूडेंट ने पंखे से लटककर सुसाइड कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी असफल लव स्टोरी का जिक्र किया है। बताया जा रहा है कि स्टूडेंट ने घरवालों को बिना बताए शादी कर ली थी। लेकिन बाद में लड़की का किसी और से अफेयर हो गया। जानिए क्या लिखा सुसाइड नोट में...
- रोहतास के बारुण का रहने वाला कुलदीप रंजीत प्रसाद जगत नारायण रोड स्थित गंगा भवन में किराए पर रहता था।
- सोमवार को उसने पंखे से लटककर सुसाइड कर ली। घटनास्थल से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।
- ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले छात्रों ने मकान मालिक को दिन के ग्यारह बजे सूचना दी कि कुलदीप का कमरा सुबह से नहीं खुला है।
- इसके बाद मकान मालिक और अन्य छात्रों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। वेंटिलेशन से देखने पर घटना की जानकारी मिली।
- तत्काल इसकी सूचना कदमकुआं थाने को दी गई। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्र ने अपने असफल प्रेम की कहानी लिखी है।
- कुलदीप के बड़े भाई जयंत कुमार रौशन के लिखित बयान पर कदमकुआं थाने में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने माना है कि उनके बेटे ने सुसाइड किया है।

भाई ने फोन नहीं उठाया तो किया मैसेज
- कुलदीप के पिता लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उसने देर रात भाई को फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी थी।
- इसके बाद उसने भाई के मोबाइल पर मैसेज किया कि वह सुसाइड करने जा रहा है।
- पिता ने कहा कि हमलोगों ने सुबह मैसेज देखा और कुलदीप के मोबाइल पर रिंग किया।
- जब उसने नहीं उठाया तो हमलोग पटना के लिए रवाना हो गए।
सुसाइड नोट में लिखी अपनी असफल लव स्टोरी
- मौके से बरामद सुसाइड नोट में कुलदीप ने अपनी असफल प्रेम कहानी का जिक्र किया है।
- वह पटना के ही एक लड़की से प्यार करता था। उससे शादी भी कर चुका था। हालांकि शादी की सूचना परिजनों को नहीं थी।
- सुसाइड नोट में लिखा गया है कि वह मेरे प्यार को समझ नहीं सकी और दूसरे लड़के से उसका अफेयर हो गया।
- इसमें मेरे दोस्तों और मेरे परिजनों का कोई दोष नहीं है। कुलदीप चार भाइयों में सबसे छोटा था। बाकी के तीन भाई रोहतास में ही रहते हैं।
- मृतक रोहतास के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। सब इंस्पेक्टर एनके झा ने कहा कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। फिर कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपर्ट का मानना-मामला संदिग्ध

- परिस्थितिजन्य साक्ष्य घटना को संदिग्ध बता रहे हैं। कुलदीप ने गमछे से फंदा लगाया था।
- वहीं एक गमछे से उसका हाथ बंधा हुआ था। बेड के ऊपर कुर्सी और कुर्सी के उपर तीन चार कंबल रखे थे।
- फांसी लगने के बाद कुर्सी गिरी नहीं। फॉरेंसिक सूत्रों के अनुसार एक्सपर्ट का मानना है कि पहले लड़के की हत्या की गई, फिर शव को लटकाया।

मालेगांव विस्फोट मामला : आरोपी कर्नल पुरोहित को बेल देने से कोर्ट का इंकार

मुंबई. विशेष अदालत ने मालेगांव बम धमाके के आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। जज ने कहा कि प्रथम दृष्टया पुरोहित के खिलाफ मामला नजर आता है। लिहाजा उनकी अर्जी खारिज की जाती है। अर्जी में पुरोेहित का कहना था कि उनके खिलाफ जांच एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं है।
- मालेगांव ब्लास्ट(2008) के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की जमानत याचिका को एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया।
- पुरोहित की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में सबसे सख्त कानून मकोका हटा लिया है। अब उनको जमानत मिलनी चाहिए।
- एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पुरोहित के खिलाफ प्रथम दृष्टया जो सबूत है वह पर्याप्त है।
- 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में बम धमाका हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 घायल हो गए थे।
- इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित सहित 12 लोग गिरफ्तार किए गए थे। पुरोहित समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में भी मुख्य आरोपी है।
- उन्होंने जो कुछ किया उसके बारे में वरिष्ठ लोगों को जानकारी थी।

Ex-MLA के बेटे ने 50 से अधिक बार किया था रेप, एक माफी में हो गया समझौता!

 
अहमदाबाद। शादी का लालच देकर Ex-MLA के बेटे विजय राठौड़ ने ऊना की युवती को अपने प्रेम जाल में फांसकर उससे 50 से अधिक बार फिजिकल रिलेशन बनाए। इसमें से 14 बार तो उसने रेप किया। कई बार युवती को शराब पिलाकर भी सेक्स किया। लेकिन, जब विजय शादी के लिए राजी नहीं हुआ तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद कल नाटकीय रूप विजय महिला क्राइम ब्रांच पहुंचा, जहां उसने युवती से माफी मांगी। Ex-MLAऔर बेटे दोनों ने मांगी माफी…
शुक्रवार की रात 9 बजे Ex-MLA और उसका बेटा महिला क्राइम ब्रांच पहुंचे। यहां पर युवती अपने परिवार वालों के साथ उपस्थित थी। महिला क्राइम ब्रांच की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समाधान हुआ। शर्त यही थी कि बाप-बेटे युवती से माफी मांगें। दोनों ने युवती के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद पूरा मामला शांत हो गया।
रेप जैसे गंभीर आरोप का समाधान माफी मांगकर युवती ने जिस आक्रामकता के साथ Ex-MLA के बेटे पर रेप का आरोप लगाया था, उसका समाधान केवल माफी मांगकर हो गया, इसकी चर्चा है। लोग क्राइम ब्रांच पर भी ऊंगली उठा रहे हैं कि उसने ऐसा क्या किया, जिससे युवती केवल माफी पर ही राजी हो गई।
युवती का आरोप था
ऊना के वाडज में रहने वाली 25 वर्षीय युवती ने ऊना के पूर्व विधायक के.सी.राठौर के विवाहित बेटे विजय राठौर पर उसके साथ 50 बार शारीरिक संबंध कायम करने का आरोप लगाया है। युवती के अनुसार इसमें से 14 बार ता उसने जबर्दस्ती दुष्कर्म किया है। विरोध किए जाने पर उसने यह धमकी भी दी कि तू मेरी नहीं हो सकती, तो किसी की भी नहीं हो सकती। अगर तू नहीं मानी, तो मैं पूरी दुनिया को आग लगा दूंगा। रेप की शिकायत करने युवती जब ऊना के पुलिस स्टेशन गई, तो वहां उसकी रिपोर्ट लिखने से इंकार कर दिया गया। इससे युवती ने अहमदाबाद पहुंच महिला थाने में रेप की रिपोर्ट लिखवाई।
बर्थ डे पर बनाया था वीडियो
पीड़ित युवती ने बताया कि विजय ने अपने बर्थ डे पर मुझे बुलाते हुए कहा था कि उस दिन मेरे सभी दोस्त आएंगे। मैं जब वहां पहुंची, तो उसके अलावा कोई नहीं था। उसने मेरे साथ फिर जबर्दस्ती की। इस दौरान उसने वीडियो भी बना लिया। इसके बाद बार-बार वीडियो दिखाकर मुझे ब्लेकमेल करता। वह यही कहता कि यह वीडियो मेरे पिता को दिखा देगा, या फिर यू ट्यूब पर डाल देगा।
किस तरह विजय की नजर युवती पर पड़ी
विजय से किस तरह सम्पर्क हुआ, इस पर युवती ने बताया कि मैं ऊना की हूं। मेरे पापा की ऊना में अच्छी पहचान है। उनके साथ मैं कई समारोहों में जाती रहती थी। एक-दो बार विजय ने मुझे नोटिस किया। इसके बाद फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी। उससे मेरी कामन चेट होती। इसके बाद उसने कहीं से मेरा नम्बर प्राप्त कर लिया, बस फिर क्या था। उसने वाट्सएप पर मेरे साथ चेटिंग शुरू कर दी। इसके बाद तो वह मेरे पीछे ही पड़ गया। मैं जब अपने चाचा की स्कूल जाती, तो वह भी आ जाता। वहां अलग रूम में ले जाकर मेरे साथ सेक्स करता। इसकी जानकारी मैंने किसी को नहीं दी। इसके बाद मैंने उससे फेसबुक और वाट्सएप पर उसके मेसेज का जवाब देना बंद कर दिया। फिर तो उसने मेरे घर के सामने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। वह अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर आकर धमाल मचाता। इसके बाद न चाहते हुए भी मुझे उससे बात करनी पड़ती।

मुहर्रम को लेकर बैठक

 
हजारीबाग : उलेमा अहले सुन्नत व अंजुमन इसलामिया कमेटी की बैठक सोमवार को जामा मसजिद रोड में हुई. अध्यक्षता अंजुमन के सचिव शकील बिहारी ने की. इसमें मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं श्रद्धाभाव से मनाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक की शुरुआत कश्मीर के उड़ी स्थित सेना कैंप पर हुए आतंकी हमले की निंदा की गयी एवं शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी. 
 
वक्ताओं ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की निंदा की गयी. जामा मसजिद सचिव गुलाम मोइनुद्दीन ने कहा कि मुहल्ले और गांव के पैकवाहा अपने अपने गांव मुहल्ले के इमामबाड़ों तक सीमित रहेंगे. किसी तरह भी डीजे साउंड नहीं बजायें. धार्मिक एवं राजनीतिक भड़काऊ कैसेट बजानेवालों पर सख्ती करने की बात कही. ये भी कहा कि किसी भी तरह के मुहर्रम जुलूस की जानकारी संबंधित थाना को जरूरत दें. बैठक में  हाफिज युनूस फैजी, गुलाम वारिस, मौलाना अब्दुल  हकीम, हाजी जहूर, नौशाद खान,रफत इमाम, इमरान अहमद काजू, इकराम कुरैशी, टिंकू खान, शमशाद, साबीर, इजहार, एजाज असगर, खलील, हाजी याकूब समेत कई लोग मौजूद थे.
 
रात्रि चौपाल 29 को
 
कटकमसांडी. प्रखंड के ढोठवा पंचायत में 29 सितंबर  को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया है. उक्त आशय की जानकारी बीडीओ धीरेंद्र कुमार ने दी. रात्रि चौपाल के लिए बीडीओ ने संबंधित पंचायतों के मुखिया, पंसस, वार्ड सदस्यों, पंचायत सेवकों व रोजगार सेवकों को तैयार रहने का निर्देश भी दिया है.

पाकिस्तानी बच्ची ने चलाई AK 47, मोदी को भी ललकारा, VIDEO वायरल


 
श्रीनगर. उड़ी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया पर भी इंडिया और पाकिस्तान के यूजर्स एक दूसरे पर तंज कसने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा है, जिसमें एक बच्ची से एक व्यक्ति AK 47 चलवा रहा है। जानिए क्या दे रहा है धमकी...
- वीडियो में बच्ची के साथ एक व्यक्ति बैठा हुआ नज़र आ रहा है जिसके हाथ में AK 47 राइफल है।
- व्यक्ति बच्ची को पहले भारत और पीएम मोदी को ललकारने कहता है।
- इसके बाद मासूम बच्ची से ही AK 47 लोड करवाकर फायर करने कहता है।
- इस वीडियो को अब तक 65 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

ये है विश्व की सबसे बड़ी तोप, एक बार चली तो गोले से बन गया तालाब

 
जयपुर. जयपुर में जयगढ़ किले पर रखी यह तोप विश्व में सबसे बड़ी तोप मानी जाती है। इसके साइज और ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि इसके एक गोले से शहर से 35 किलोमीटर दूर एक गांव में तालाब बन गया था। आज भी यह तालाब मौजूद है और गांव के लोगों की प्यास बुझा रहा है। अरावली की पहाडिय़ों पर बना जयगढ़ दुर्ग का निर्माण 1726 में हुआ था। 31 फीट लंबी है तोप की नली, 50 टन का है वजन...
- विश्व की सबसे बड़ी यह तोप जयगढ़ किले के डूंगर दरवाजे पर रखी है। तोप की नली से लेकर अंतिम छोर की लंबाई 31 फीट 3 इंच है।
- जब जयबाण तोप को पहली बार टेस्ट-फायरिंग के लिए चलाया गया था तो जयपुर से करीब 35 किमी दूर स्थित चाकसू नामक कस्बे में गोला गिरने से एक तालाब बन गया था।
- इस तोप का वजन 50 टन है। इस तोप में 8 मीटर लंबे बैरल रखने की सुविधा है।

100 किलो गन पाउडर से चलती थी तोप

- 35 किलोमीटर तक मार करने वाले इस तोप को एक बार फायर करने के लिए 100 किलो गन पाउडर की जरूरत होती थी।
- अधिक वजन के कारण इसे किले से बाहर नहीं ले जाया गया और न ही कभी युद्ध में इसका इस्तेमाल किया गया था।
यह है इस किले की रोचक कहानी
- किले की रक्षा में तैनात ताकतवर और भारी तोपों का तभी इस्तेमाल होता था, जब कोई दुश्मन हमला करे। दूसरे राज्य पर हमला करने के लिए इन भारी-भरकम तोपों को युद्ध भूमि तक ले जाना काफी कठिन था।
- इसी दौर में छोटे और हल्की तोपें बनाई गईं। इन तोपों को हाथी या ऊंट की पीठ पर बांधा जा सकता था। जयगढ़ के किले में रखी गई इस छोटी तोप को भी ऊंट की पीठ पर बांध कर चलाया जाता था। तोप के गोले का वजन 50 किलो तक होता था।
पहले तोप से फेंके जाते थे पत्थर

- शुरुआत में तोपों का इस्तेमाल पत्थरों को फेंकने के लिए किया जाता था। ये तोपें पहले तांबे और कांसे की बनीं फिर लोहे की बनने लगीं।
- 15वीं शताब्दी में तोपें 30 इंच परिधि की होती थीं और 1,200 से 1,500 पाउंड भार के पत्थर के गोले चलाती थीं।
- लोहे की तोपें आने के बाद लोगों ने देखा की पत्थर की जगह लोहे के गोले से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद तोपों में लोहे के गोलों का इस्तेमाल किया जाने लगा और बैरल का व्यास कम हो गया।
3 किमी. में फैली हैं इस किले की दीवारें
- इस किले के दो एंट्री गेट है जिन्हें दूंगर दरवाजा और अवानी दरवाजा कहा जाता है।
- किले का निर्माण, सेना की सेवा के उद्देश्य से किया गया था जिसकी दीवारें लगभग 3 किमी. के क्षेत्र में फैली हुई है।
- किले के सबसे ऊंचे प्वाइंट पर दीया बुर्ज है जो लगभग सात मंजिला है, यहां से पूरे शहर का मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता है।
जयपुर का सबसे ऊंचा किला

- जयगढ़ किला जयपुर का सबसे ऊंचा दुर्ग है। यह नाहरगढ़ की सबसे ऊंची पहाड़ी चील टिब्बा पर स्थित है।
-इस किले से जयपुर के चारों ओर नजर रखी जा सकती थी। यहां रखी दुनिया की सबसे विशाल तोप भी लगभग 50 किमी तक वार करने में सक्षम थी।
- यह भी कहा जाता है कि महाराजा सवाई जयसिंह जब मुगल सेना के सेनापति थे तब उन्हें लूट का बड़ा हिस्सा मिलता था।
- उस धन को वे जयगढ़़ में छुपाया करते थे। इस दुर्ग में धन गड़ा होने की संभावना के चलते कई बार इसे खोदा भी गया।
जयगढ़ और आमेर महल के बीच सुरंग

- हाल ही में आमेर महल के कुछ भागों का नवीनीकरण किया गया। इसमें सबसे खास था आमेर महल से जयगढ़ जाने वाली सुरंग का तलाश कर फिर से उपयोग करने योग्य बनाना।
- जयगढ किले तक इस सुरंग की लंबाई लगभग 600 मीटर है। इस सुरंग से आमेर महल से जयगढ़ जाना बहुत आसान हो गया है